राज्य
02-Apr-2026
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:: गाँव-गाँव पहुँचेगा जनजागरण रथ, कलेक्टर शिवम वर्मा ने दिए सख्ती के निर्देश :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर जिला प्रशासन ने गेहूं की कटाई के सीजन को देखते हुए फसल अवशेष (नरवाई) जलाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले कृषकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसके तहत 15 हजार रुपये तक के अर्थदण्ड और पुलिस प्रकरण का प्रावधान किया गया है। नरवाई प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जनजागरण रथ को अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार ने गुरुवार को झण्डी दिखाकर रवाना किया। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार, 2 से 16 अप्रैल तक प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर कृषक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें कृषि विभाग के मैदानी अधिकारी, पटवारी और पंचायत सचिव किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसानों और आधुनिक प्रबंधन की तकनीकी जानकारी देंगे। उप संचालक कृषि सी.एल. केवड़ा ने बताया कि नरवाई जलाने से जमीन के लाभदायक सूक्ष्म जीवाणु और केंचुए नष्ट हो जाते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुँचता है। शासन के नोटिफिकेशन के अनुसार, 2 एकड़ तक की भूमि वाले कृषकों पर 2500 रुपये, 2 से 5 एकड़ तक की भूमि पर 5000 रुपये तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि होने पर 15 हजार रुपये प्रति घटना के मान से आर्थिक दण्ड अधिरोपित किया जाएगा। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे नरवाई जलाने के बजाय स्ट्रॉरीपर, मल्चर और रोटावेटर जैसी मशीनों का उपयोग करें। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि फसल अवशेषों से पशुओं के लिए भूसा और खेत के लिए जैविक खाद तैयार कर अतिरिक्त आय भी प्राप्त की जा सकेगी। प्रकाश/2 अप्रैल 2025 संलग्न चित्र : इंदौर। नरवाई प्रबंधन जनजागरण रथ को झण्डी दिखाकर रवाना करते अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार एवं अन्य अधिकारी।