तिरुअनंतपुरम,(ईएमएस)। केरल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्य के विभिन्न धार्मिक और सामाजिक नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की हैं। इस दौरे के दौरान उन्होंने चर्च के प्रमुखों और अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि समाज के सभी वर्गों, विशेषकर धार्मिक और सामाजिक संगठनों के साथ संवाद करना उनका कर्तव्य है ताकि उनके मुद्दों और चिंताओं को जमीनी स्तर पर समझा जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के हर तबके का कल्याण सुनिश्चित करना है और किसी भी समूह के हितों को नुकसान पहुँचाने का कोई इरादा नहीं है। मुलाकात के दौरान विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) से जुड़े विषयों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की चिंताओं पर भी बातचीत हुई। इस पर केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि यदि कोई गलतफहमी है, तो उसे बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा और किसी को भी चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का हवाला देते हुए कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर काम कर रही है और हर भारतीय का कल्याण ही उनकी प्राथमिकता है। चर्च के नेताओं के साथ हुई इस चर्चा को उन्होंने अत्यंत सकारात्मक और सार्थक बताया। चुनावी परिदृश्य पर चर्चा करते हुए किरेन रिजिजू ने दावा किया कि केरल की जनता इस बार बदलाव के लिए तैयार है और सकारात्मक दृष्टिकोण अपना रही है। उन्होंने राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और कुशासन की राजनीति से आगे बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि विकसित केरल और विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का समर्थन करें। रिजिजू ने विश्वास जताया कि इस बार केरल प्रगति की नई राह पर अग्रसर होगा और एलडीएफ व यूडीएफ के पारंपरिक गठबंधनों के बजाय विकास को प्राथमिकता देगा। वीरेंद्र/ईएमएस/04अप्रैल2026