आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया कर्जा लेकर खर्च कर रहे हैं, नार्वे निवासी नार्वे (ईएमएस)। नार्वे दुनिया का सबसे उच्च अर्थव्यवस्था वाला देश है। यहां प्रति व्यक्ति आय 370 करोड रुपए वार्षिक है। जो दुनिया में सबसे अधिक है। नार्वे की आबादी मात्र 56 लाख है। नार्वे मैं जब से तेल मिला है। सरकार ने यहां के नागरिकों के लिए 203 लाख करोड रुपए का सोवरेन वेल्थ फंड बनाकर रखा है। नार्वे की संपन्नता बढ़ी है। उसके बाद से लोगों में विलासता बढ़ती चली जा रही है। सरकार भी खर्च में कोई कोताही नहीं कर रही है। नागरिकों को कर्ज आसानी से मिल जाता है। आय की तुलना में यहां के लोग ज्यादा खर्च करते हैं। जिसके कारण स्थानीय निवासियों पर आय की तुलना में 250 फ़ीसदी कर्ज है। आम लोगों की फिजूल खर्ची बढ़ती चली जा रही है। नार्वे में बेरोजगारी दर भी बढ़ रही है। लोग नौकरी,रोजगार इत्यादि में रुचि नहीं ले रहे हैं। जिसके कारण नार्वे की मुद्रा दुनिया के अन्य देशों की तुलना में कमजोर होती जा रही है। निवेशकों का भरोसा नार्वे की अर्थव्यवस्था से घटना चला जा रहा है। नार्वे की संपन्नता अब उसकी दुश्मन बन रही है। लोग तेल की कमाई पर आश्रित होते चले जा रहे हैं। एसजे/ 4 अप्रैल /2026