राष्ट्रीय
04-Apr-2026


-अगर यह लंबे समय तक बंद रहा तो इसका वैश्विक बाजार पर गंभीर असर पड़ेगा नई दिल्ली,(ईएमएस)। अमेरिका-ईरान जंग के बीच सबसे अहम और खतरनाक मोर्चा होर्मुज स्ट्रेट है। यह सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई की लाइफलाइन है, लेकिन अब यही रास्ता ईरान के हाथ में सबसे बड़ा हथियार बन चुका है। अमेरिकी इंटेलिजेंस की हालिया रिपोर्ट ने इस संकट को और गहरा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान फिलहाल किसी भी हाल में होर्मुज स्ट्रेट खोलने के मूड में नहीं है। वजह साफ है, यह वही एक रास्ता है जिसके जरिए ईरान अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप पर सबसे ज्यादा दबाव बना सकता है। बता दें दुनिया के करीब 20फीसदी तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में अगर यह लंबे समय तक बंद रहता है, तो इसका वैश्विक बाजार पर सीधा और गंभीर असर पड़ेगा। यही वजह है कि ईरान ने इस स्ट्रेट को एक रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेहरान जानबूझकर इस रास्ते को बाधित कर रहा है, ताकि तेल की उच्च कीमतें बनी रहें और अमेरिका पर दबाव बढ़े। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि अमेरिका चाहे तो होर्मुज स्ट्रेट को आसानी से खुलवा सकता है। उन्होंने यहां तक कहा था कि थोड़ा और समय मिला, तो हम इसे खोल देंगे लेकिन जमीनी हकीकत इससे काफी अलग नजर आ रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह काम जितना दिखता है, उससे कहीं ज्यादा मुश्किल है। होर्मुज स्ट्रेट की भौगोलिक स्थिति ही इसे बेहद संवेदनशील बनाती है। यह समुद्री रास्ता अपने सबसे संकरे हिस्से में सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है, जबकि जहाजों के आने-जाने का रास्ता महज 3-3 किलोमीटर का है। ऐसे में यहां से गुजरने वाले जहाज बेहद आसान निशाना बन जाते हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने इसी कमजोरी को ताकत में बदल दिया है1 ड्रोन, मिसाइल और समुद्री माइन के जरिए उन्होंने इस इलाके को इतना खतरनाक बना दिया है कि अब कई कमर्शियल जहाज यहां से गुजरने से बच रहे हैं। कुछ मामलों में जहाजों पर हमले भी हुए हैं और उनसे टोल टैक्स वसूला गया है। रिपोर्ट के मुताबिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका सैन्य ताकत के जरिए इस रास्ते को खोलने की कोशिश करता है, तो यह जंग और लंबी और खतरनाक हो सकती है। पूर्व सीआईए डायरेक्टर ने चेतावनी दी है कि ईरान इस ताकत को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है उनके मुताबिक तेहरान इस स्ट्रेट के जरिए भविष्य में किसी भी शांति समझौते में अपने लिए सुरक्षा गारंटी और आर्थिक फायदे हासिल करने की कोशिश करेगा यानी होर्मुज स्ट्रेट अब सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक राजनीति का सबसे बड़ा चोक पॉइंट बन चुका है। अमेरिका के लिए इसे खोलना अब सिर्फ सैन्य चुनौती नहीं, बल्कि एक कूटनीतिक और रणनीतिक परीक्षा बन गया है। सिराज/ईएमएस 04अप्रैल26