-आयोग की कार्रवाई पर टीएमसी ने पक्षपातपूर्व रवैया अपनाने का आरोप लगाया नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल में निर्वाचन आयोग ने 2 अप्रैल को भवानीपुर में सुवेंदु अधिकारी की नामांकन रैली के दौरान कानून-व्यवस्था में लापरवाही के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए थे। वहीं चुनाव आयोग की कार्रवाई पर टीएमसी ने पक्षपातपूर्व रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने जिन पुलिस कर्मियों पर एक्शन लिया है, उनमें सिद्धार्थ दत्ता, प्रियंकर चक्रवर्ती, चंडी चरण बनर्जी और सौरभ चटर्जी शामिल हैं। इन सभी को सस्पेंड किया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। चुनाव आयोग की यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल विधानसभा के विपक्ष नेता सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के काफिले के पास 1 अप्रैल को हुए तनाव के संबंध में बड़ी कार्रवाई की है। उनका काफिला दक्षिणी कोलकाता के अलीपुर सर्वे भवन की ओर कूच कर रहा था। यहीं सुवेंदु अधिकारी अपना नामांकन दाखिल करने वाले थे. इस दौरान सुरक्षा में चूक हुई थी। ईसी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला को पत्र लिखकर चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। बंगाल की हॉट सीट में से एक भवानीपुर से बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं। 2 अप्रैल को उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया है। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। बता दें सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दो चरणों में भवानीपुर और नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्रों से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को जारी किए जाएंगे। वहीं, विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता बंगाल का दौरा कर रहे हैं। अलग-अलग दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग भी देखने को मिल रही है। सिराज/ईएमएस 05अप्रैल26