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05-Apr-2026
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दुर्गम पहाड़ों में फंसे कर्नल को बचाने के लिए दर्जनों लड़ाकू विमान तैनात, ईरान को 48 घंटे की चेतावनी वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी सेना ने ईरान में लापता हुए एफ-15 लड़ाकू विमान के एक पायलट को नाटकीय और बेहद खतरनाक परिस्थितियों में सुरक्षित बचा लिया है। इस साहसिक अभियान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे जोखिम भरे और बहादुरीपूर्ण खोज एवं बचाव अभियानों में से एक बताया है। पायलट को सकुशल निकाल लाने का दावा करते हुए ट्रंप ने कहा, कि अमेरिकी सेना ने अपने एक “असाधारण क्रू सदस्य” को बचाने के लिए दुनिया के सबसे आधुनिक और घातक हथियारों से लैस दर्जनों विमान तैनात किए। उन्होंने जानकारी दी कि यह पायलट, जो एक सम्मानित कर्नल भी हैं, ईरान के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए थे और दुश्मन लगातार उनके करीब पहुंच रहे थे। राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि यह ऑपरेशन लगातार निगरानी और समन्वय के साथ चलाया गया। उन्होंने कहा, “वह कभी अकेले नहीं थे। उनके कमांडर इन चीफ, युद्ध सचिव, संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष और उनके साथी सैनिक हर पल उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए थे और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे थे।” आईआरजीसी ने भी चलाया खोजी अभियान दरअसल यह घटना शुक्रवार (3 अप्रैल) की है, जब कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी एफ-15 विमान को ईरान की ओर से निशाना बनाया गया। इस हमले के बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि एक पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा, लेकिन दूसरा पायलट लापता हो गया था। बाद में उसके ईरान के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में होने की सूचना मिली। इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने भी लापता पायलट की तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया। इलाके की घेराबंदी कर दी गई और स्थानीय लोगों से सहयोग मांगा गया। पायलट को जिंदा पकड़ने के लिए करीब 60,000 डॉलर से अधिक का इनाम भी घोषित किया गया था। पायलट की वापसी पर ट्रंप ने खुशी जाहिर की इन सभी खतरों के बावजूद अमेरिकी सेना ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पायलट को सुरक्षित निकाल लिया। ट्रंप ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि अब वह पूरी तरह सुरक्षित हैं और जल्द ही अपने देश लौटेंगे। इस घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास समझौता करने या होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए सीमित समय है, अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हिदायत/ईएमएस 05अप्रैल26