05-Apr-2026


इंदौर, भोपाल में भरमार, महाकौशल से सिर्फ एक को मिला प्रतिनिधित्व जबलपुर, (ईएमएस)। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लाम्बा की सहमति के बाद घोषित मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रथम प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर जबलपुर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सूची में जबलपुर को प्रतिनिधित्व तो मिला है, लेकिन वरिष्ठ पदों से दूरी ने स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष की चर्चा को जन्म दे दिया है। प्रदेश कार्यकारिणी में जबलपुर की प्रियंका सोनी को संयुक्त सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि उपाध्यक्ष और महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जबलपुर का कोई नाम शामिल नहीं है। इन पदों पर ज्योति सिंह, मनीषा रावत, शांति भालेश्वर, यासमीन शेरानी, आरती सिंह, गीता सिंह परिहार, हेमलता सिंह, रजनी वर्मा, सौम्या रंधेलिया और मधु शर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ग्वालियर, इंदौर और भोपाल जैसे बड़े शहरों को शीर्ष स्तर पर मजबूत प्रतिनिधित्व मिला है, जबकि जबलपुर जैसे बड़े संभाग को अपेक्षित स्थान नहीं दिया गया। इसे लेकर महाकौशल क्षेत्र में सवाल उठने लगे हैं। कौन हैं प्रियंका सोनी?.. प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल की गईं प्रियंका सोनी को लेकर भी चर्चा हो रही है। स्थानीय स्तर पर कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन में लंबे समय से सक्रिय और पहचान रखने वाली वरिष्ठ महिला नेताओं को दरकिनार कर अपेक्षाकृत कम चर्चित चेहरे को जिम्मेदारी दी गई है। शहर के राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि प्रियंका सोनी की संगठनात्मक भूमिका और सक्रियता कितनी रही है और उन्हें किस आधार पर यह पद मिला। हालांकि संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि नए चेहरों को अवसर देने की नीति के तहत यह निर्णय लिया गया है। लेकिन जमीनी स्तर पर कई कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। चुनावी रणनीति पर असर?.. आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों के मद्देनजर यह नई कार्यकारिणी अहम मानी जा रही है। ऐसे समय में जबलपुर को वरिष्ठ पदों से दूर रखना संगठन की स्थानीय रणनीति पर असर डाल सकता है। अब सबकी नजर स्थानीय महिला नेताओं की प्रतिक्रिया और आने वाले समय में संभावित संगठनात्मक फेरबदल पर टिकी हुई है। सुनील साहू / शहबाज / 05 अप्रैल 2026/ 07.00