05-Apr-2026
...


बस्ती (ईएमएस)। संघर्षों की तपती धूप में तपकर जब कोई सपना हकीकत बनता है, तो सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, पूरा गांव रोशन हो उठता है। ग्राम मझौंआ खजुरी की मिट्टी भी आज गर्व से मुस्कुरा रही है, क्योंकि इसी धरती के लाल सत्य प्रकाश ने अपने अथक परिश्रम, अटूट विश्वास और अडिग संकल्प से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपी पीसीएस-2024) परीक्षा में सफलता हासिल कर नायब तहसीलदार बनकर इतिहास रच दिया। जैसे ही वे अपने गांव लौटे, हर आंख में खुशी के आंसू और हर दिल में गर्व की धड़कन साफ महसूस हो रही थी। यह सिर्फ एक सफलता नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सपनों की जीत है। अपने गांव पहुंचने पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया। सत्य प्रकाश एक साधारण परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता शिवमूरत राजस्व विभाग से सेवानिवृत्त कर्मी हैं। परिवार में अनुशासन और शिक्षा का वातावरण रहा, जिसने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनके बड़े भाई विजय प्रकाश बेसिक शिक्षा विभाग में कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि छोटे भाई अमित कुमार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनकी माता वृन्दावती एक समर्पित गृहिणी हैं तथा बहनें सुधा, अमृता एवं अंजली परिवार की मजबूती का आधार हैं। सत्य प्रकाश की प्रारंभिक शिक्षा गांव से ही प्रारंभ हुई। इसके बाद उन्होंने बस्ती एवं फैजाबाद में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक एवं परास्नातक की उपाधि प्राप्त की। उच्च शिक्षा के दौरान ही उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था। उन्होंने दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर लगभग तीन वर्षों तक कठिन परिश्रम के साथ तैयारी की। सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प, अनुशासन और सकारात्मक सोच के बल पर उन्होंने प्रथम प्रयास में ही पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर सफलता का परचम लहराया। सत्य प्रकाश की इस उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्य रूप से रमाकांत गौतम, लालता प्रसाद, रवि गौतम, सुनील कुमार, सूरज कुमार, बीना गौतम, बिट्टू, यसबाबू, अरुणराज भारती, अमन, श्रुति गौतम एवं अनिकेत गौतम सहित अनेक लोगों ने उन्हें बधाई दी। सत्य प्रकाश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों एवं परिवारजनों को देते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर किया जाए, तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि वे कठिन परिश्रम, धैर्य और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें। .../ 5 अप्रैल /2026