05-Apr-2026
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- तीन महीने से रेस्टोरेशन नहीं, धूल और गड्ढों से खतरा जबलपुर, (ईएमएस)। अमृत जल योजना 2.0 के तहत हर घर नर्मदा जल पहुंचाने के उद्देश्य से शहर में पाइपलाइन बिछाने का काम जारी है, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद सड़क का मरम्मत कार्य नहीं किए जाने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। रेलवे पुल नंबर 1 से कांचघर रोड तक पिछले तीन माह से खुदाई चल रही है, पर अब तक रेस्टोरेशन कार्य अधूरा पड़ा है। स्थानीय लोगों के अनुसार पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क को समतल कर पक्का करने का काम समय पर नहीं किया गया। बजरंग कालोनी से लेकर कोचिंग डिपो के सामने तक सड़क खोदी गई है। जहां पाइपलाइन डाल दी गई है, वहां भी गड्ढे वैसे ही बने हुए हैं। इससे रोजाना हजारों वाहन चालक और राहगीर परेशान हो रहे हैं। धूल और गड्ढों से बढ़ा खतरा.. सड़क पर डामरीकरण या समतलीकरण नहीं होने से दिनभर धूल उड़ रही है। दोपहिया वाहन चालक फिसलने के डर से धीमी गति से चल रहे हैं, जबकि चारपहिया वाहनों को गड्ढों से बचते हुए निकलना पड़ रहा है। रात के समय स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो दुर्घटनाएं बढ़ सकती हैं। रेलवे ने जताई आपत्ति.... काम अब रेलवे कॉलोनी बजरंग कालोनी से कांचघर चौक की ओर बढ़ गया है। सड़क आंशिक रूप से बंद होने से रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी पर आने-जाने में दिक्कत हो रही है। इस पर रेलवे प्रशासन ने आपत्ति जताई है। पिछले दो दिनों से रेल सुरक्षा बल के अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और काम रोकने की बात कह रहे हैं। हालांकि कार्य देख रहे अधिकारियों ने काम जारी रखा है। निगरानी और समन्वय पर सवाल.. तीन महीने बीत जाने के बाद भी रेस्टोरेशन कार्य शुरू नहीं होने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि खुदाई के साथ-साथ मरम्मत कार्य भी समय पर किया जाता, तो यह स्थिति नहीं बनती। लोगों ने संबंधित विभाग से शीघ्र सड़क दुरुस्त करने की मांग की है। लाख घरों तक नर्मदा जल पहुंचाने की योजना.... गौरतलब है कि अमृत जल योजना 2.0 के तहत गौरीघाट के ललपुर से रांझी तक लगभग 20 किलोमीटर लंबी राइजिंग मेनलाइन बिछाई जा रही है। योजना का उद्देश्य शहर के एक लाख से अधिक घरों तक नर्मदा जल पहुंचाना है। हालांकि विकास कार्य के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं को जल्द बहाल करना भी उतना ही आवश्यक माना जा रहा है। - सुनील साहू / शहबाज / 05 अप्रैल 2026/ 07.00