नासिक (ईएमएस)। महाराष्ट्र के नासिक में खुद को आध्यात्मिक गुरु बताने वाले अशोक खरात का मामला अब एक बड़े राष्ट्रीय स्कैंडल में तब्दील होता जा रहा है। रेप, धोखाधड़ी और अवैध रूप से करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोपों में घिरे इस फर्जी बाबा के खिलाफ सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि अशोक खरात की बेहिसाब संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि प्रशासन अब केवल आपराधिक मामलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इस पूरे साम्राज्य की आर्थिक जड़ों को भी खोदेगा। अशोक खरात पर आरोप है कि उसने आस्था की आड़ में न केवल महिलाओं का यौन शोषण और दुष्कर्म किया, बल्कि डरा-धमका कर और धोखाधड़ी के जरिए भारी मात्रा में चल-अचल संपत्ति भी खड़ी की है। ईडी की एंट्री का मतलब है कि अब उसके बैंक खातों, विदेशी लेनदेन और बेनामी संपत्तियों के स्रोतों की गहराई से पड़ताल होगी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने सदन और सार्वजनिक मंचों पर यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकार केवल हवा-हवाई आरोपों पर नहीं, बल्कि ठोस सबूतों के आधार पर काम कर रही है। अब तक खरात के खिलाफ विभिन्न थानों में करीब 12 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, और जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है, पीड़ित और गवाह भी हिम्मत जुटाकर सामने आ रहे हैं। इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) लीक होने का विवाद गरमाया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि खरात के कुछ प्रभावशाली राजनीतिक नेताओं के साथ संबंध थे। इस पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी की निजी जानकारी या डेटा का लीक होना गंभीर विषय है, जिसकी अलग से जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल अधिकृत एजेंसियों को ही सीडीआर एक्सेस करने का अधिकार है और इस डेटा को अवैध रूप से सार्वजनिक करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, विशेष जांच दल स्थानीय स्तर पर अपराधों की जांच कर रही है, जबकि ईडी अब इसके वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में इस जांच की आंच कई और रसूखदार लोगों तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। वीरेंद्र/ईएमएस/06अप्रैल2026