क्षेत्रीय
06-Apr-2026
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- प्रबंधन पर मामला दबाने का आरोप जबलपुर, (ईएमएस)। शहर के भीडभाड वाले इलाके दीनदयाल चौक बस स्टैंड के समीप संचालित परमार्थ नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर बीती रात आठ बच्चे गायब हो गए। घटना के संबंध में मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बच्चों ने केंद्र से भागने के लिए बाकायदा पूरी योजना तैयार की थी। उन्होंने सुनियोजित तरीके से खिड़की और दीवार पर लगी लोहे की मजबूत जाली को काटकर रास्ता बनाया और उसी मार्ग से बाहर निकल गए। बताया जा रहा है कि इस पूरी घटना को देर रात उस वक्त अंजाम दिया गया जब केंद्र का अधिकांश स्टाफ गहरी नींद में था। सुरक्षा में बरती गई इस बड़ी चूक ने संस्थान की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इतनी बड़ी वारदात बिना किसी पूर्व तैयारी के संभव नहीं थी। केन्द्र प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना के संबंध में नशामुक्ति केंद्र के संचालकों ने अब तक पुलिस को इसकी कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी है। परिजनों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रबंधन अपनी विफलता को छिपाने के लिए मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। आरोप है ‎कि कई अभिभावकों को समय पर सूचना तक नहीं दी गई, जिससे उनकी चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं। लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ इस तरह का खिलवाड़ किया गया। माढ़ोताल थाना प्रभारी वीरेंद्र पवार का कहना है कि पुलिस के पास अब तक संस्थान की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रबंधन द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है, तो तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में किसी भी आधिकारिक शिकायत के अभाव में पुलिस जांच शुरू नहीं हो सकी है। दूसरी ओर, परिजनों और नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि फरार बच्चों की जल्द तलाश की जाए और केंद्र की सुरक्षा की बारीकी से जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएं। - अजय पाठक / मोनिका / 06 अप्रैल 2026/ 02.10