- एकल पीठ के कानून बनाने के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट ने किया रद नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के 2020 में गरीब किरायेदारों का किराया चुकाने के वादे को कानूनी रूप से लागू करने योग्य बताने वाले एकल पीठ के आदेश को रद्द कर दिया। पीठ ने कहा कि केजरीवाल का प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया गया बयान कानूनी आश्वासन नहीं माना जा सकता। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा वर्ष 2020 में गरीब किरायेदारों की ओर से किराया भुगतान करने के लिए किए गए वादों को कानूनी रूप से लागू करने योग्य बताने वाले एकल पीठ के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट ने रद कर दिया। न्यायमूर्ति सी हरि शंकर और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने एकल न्यायाधीश के फैसले में संशोधन करते हुए, केजरीवाल द्वारा प्रेस कान्फ्रेंस में दिए गए बयान को आश्वासन मानने की याचिका को भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल द्वारा किए गए वादे या बयान को लागू करने का निर्देश देने के लिए कोई परमादेश जारी नहीं किया जा सकता है। दिल्ली सरकार द्वारा दायर अपील में दावा किया गया था कि केजरीवाल का बयान वादा नहीं था। अजीत झा /देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/06/अप्रैल /2026