किसी भी मजदूर ने विशेष रूप से भारत लौटने की नहीं जताई इच्छा लखनऊ,(ईएमएस)। ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच तेज होती जंग और ताबड़तोड़ मिसाइल हमलों के बीच इजराइल में काम कर रहे यूपी के करीब 6000 मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही थी। कई लोग सवाल कर रहे थे कि क्या ये मजदूर सुरक्षित हैं और क्या उन्हें भारत वापस लाया जाएगा? इन सवालों का जवाब देते हुए यूपी सरकार ने कहा कि सभी मजदूर पूरी तरह सुरक्षित हैं और सरकार लगातार उनकी निगरानी कर रही है। यूपी सरकार के प्रमुख सचिव डॉ. शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश पर वे नियमित रूप से भारतीय दूतावास के अधिकारियों के संपर्क में हैं। दूतावास के जरिए यूपी के सभी मजदूरों की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि तनावपूर्ण हालात के बावजूद अभी तक किसी भी मजदूर की ओर से भारत लौटने की कोई मांग नहीं की गई है। डॉ. शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि ईरानी हमलों के बावजूद इजराइल में कार्यरत यूपी के 6000 से ज्यादा मजदूर सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि हम भारतीय दूतावास के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं। दूतावास के अधिकारियों के जरिए हम हर श्रमिक की लोकेशन और सुरक्षा स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। यूपी सरकार ने साफ किया कि जरूरत पड़ने पर श्रमिकों की सुरक्षित वापसी की पूरी व्यवस्था पहले से तैयार है। हालांकि, फिलहाल किसी भी मजदूर ने विशेष रूप से भारत लौटने की इच्छा नहीं जताई है। प्रमुख सचिव ने बताया कि सीएम योगी ने इस मामले में सख्त निर्देश दिए हैं कि विदेश में काम कर रहे यूपी के किसी भी मजदूर की सुरक्षा से कोई समझौता न किया जाए। इसके तहत श्रम विभाग लगातार दूतावास के साथ समन्वय कर रहा है। इस जंग की शुरुआत से ही ईरान तेल अवीव समेत इजराइल के बड़े शहरों पर मिसाइलें बरसा रहा है। ऐसे में विदेश में रह रहे भारतीयों, खासकर इजराइल में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा चिंता का विषय बन गई थी। यूपी भारत का सबसे बड़ा राज्य होने के कारण यहां से सबसे ज्यादा लोग इजराइल में निर्माण, कृषि और अन्य क्षेत्रों में काम करते हैं। योगी सरकार ने तनाव शुरू होते ही तुरंत सक्रिय भूमिका निभाई। सुंदरम ने भारतीय दूतावास, तेल अवीव के साथ सीधा संपर्क स्थापित किया और यूपी के श्रमिकों की सूची साझा की। दूतावास के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि अगर कोई श्रमिक स्वेच्छा से भारत लौटना चाहे या स्थिति और बिगड़ती है, तो उनकी सुरक्षित वापसी की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। श्रम विभाग ने सभी जिला मजदूर कल्याण अधिकारियों को अलर्ट किया है कि अगर कोई श्रमिक परिवार से संपर्क कर सहायता मांगे तो तुरंत मदद की जाए। डॉ. शन्मुगा सुंदरम ने कहा कि हमारी प्राथमिकता श्रमिकों की सुरक्षा है। अभी हालात नियंत्रण में हैं और श्रमिक अपने काम पर बने हुए हैं, लेकिन सरकार किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है। सिराज/ईएमएस 06अप्रैल26