दावा- कार्गो विमान पहुंचे ईरान, जो यूरेनियम था निकाल ले गया ड्रैगन बीजिंग,(ईएमएस)। जब दुनिया की नजरें एक तरफ अमेरिका के रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी थी। जहां एफ15 ईगल के पायलट को बचाने की जद्दोजहद चल रही थी। उसी वक्त एक ऐसा खेल हुआ जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया और यह खेल चुपचाप हुआ। बिना शोर के और सीधे अमेरिका को यहां पर चैलेंज दिया गया। यह दावा किया गया कि चीन ने ईरान में अपने विमान भेजे और उन्हीं विमानों में हथियार भी पहुंचाए साथ ही ईरान का जो यूरेनियम था वो भी बाहर निकाल लिया। रिपोर्ट्स और चर्चाओं में यह दावा सामने आ रहा है कि चीन के कार्गो विमान ईरान पहुंचे। ऊपर से लॉजिस्टिक सपोर्ट दिख रहा था, लेकिन अंदर क्या था? यह सबसे बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है। दावा किया जा रहा है कि इन विमानों में मिसाइल के पार्ट्स, डिफेंस इक्विपमेंट भेजा गया और वापसी में ईरान का संवेदनशील यूरेनियम साथ ले गया। अगर यह सच है तो इसके पीछे का गेम क्या है? अमेरिका ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म करना चाहता है। यूरेनियम सबसे बड़ा टारगेट है अमेरिका का। अगर चीन उसे अपने पास ले जाता है तो सीधे-सीधे इसे अमेरिका को चैलेंज करना है और अमेरिका को यह मैसेज देना है कि अब अगर हिम्मत है तो चीन से इसे लेकर दिखाए यानी ईरान को भी बचाया और खुद को भी एक बड़ी स्ट्रेटेजिक पोजीशन पर चीन यहां पर ले आया। यह दावा सामने आया है कि यह सब कुछ उस समय हुआ जब अमेरिका अपने पायलट को बचाने में उलझा था। ऑपरेशन चलाया जा रहा था। फोकस था रेस्क्यू मिशन पर। मीडिया का ध्यान वहीं था और इसी डिस्ट्रैक्शन के बीच चीन ने अपना ऑपरेशन पूरा कर लिया। क्या यह वाकई संभव है? अगर कार्गो फ्लाइट्स पहले से ही अप्रूव्ड हो। मिलिट्री कोऑर्डिनेशन पहले से ही बेहतर हो और ऑपरेशन हाई सीक्रेट रखा जाए, लेकिन अभी तक बता दें कोई भी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है और ना ही कोई ठोस सबूत सामने आए हैं इस दावे को लेकर। कुल मिलाकर कहे तो यह एक स्ट्रांग जियोपॉलिटिकल थ्योरी समेत सामने आई हैं इस पूरी स्थिति को देखकर जिसे अभी जांचा जाना बाकी है और अगर यह दावा सही साबित होता है तो यह गेम चेंजर भी साबित होगा मिडिल ईस्ट की जंग पर। सीधे चीन जो अमेरिका को चैलेंज कर रहा है। ईरान को न्यूक्लियर शील्ड मिल जाएगी और पावर बैलेंस पूरी तरह से यहां पर बदल सकता है। यानी यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं यह ग्लोबल पावर शिफ्ट की शुरुआत हो सकती है। तो क्या वाकई चीन ने चुपचाप ईरान से यूरेनियम निकाल लिया है। अमेरिका को चकमा देकर क्या चीन ने पूरा खेल पलट दिया है और दुनिया को एक नए टकराव की तरफ धकेल दिया है? फिलहाल यह सवाल बने हुए हैं और यह सब कुछ दावे हैं, शक है और एक बड़ा सवाल भी है अगर यह सच हुआ तो आने वाले जो कुछ दिन हैं यह दुनिया के नक्शे को बदल कर रख सकते हैं। सिराज/ईएमएस 07अप्रैल26