राज्य
07-Apr-2026
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मुंबई, (ईएमएस)। बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को मुंबई के माहिम विधानसभा क्षेत्र से शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे की पार्टी के विधायक महेश सावंत के खिलाफ सदा सरवणकर की चुनाव याचिका खारिज कर दी। न्यायाधीश आरिफ एस. डॉक्टर ने यह अहम फैसला सुनाया। एडवोकेट अमित कारंडे ने महेश सावंत की तरफ से पक्ष रखा, जिसे अदालत ने स्वीकार किया। *क्या था मामला? 2024 के विधानसभा चुनाव में महेश सावंत को 50,213 वोट मिले थे, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी सदानंद सरवणकर को 48,897 वोट प्राप्त हुए थे। इसके बाद सरवणकर ने अदालत में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि सावंत ने अपने शपथपत्र (Form 26) में चार आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई है इसलिए उनकी जीत रद्द की जानी चाहिए। * बचाव पक्ष की दलीलें सावंत की ओर से पेश हुए अधिवक्ता अमित कारंडे ने याचिका में कई कानूनी और तकनीकी खामियों की ओर ध्यान दिलाया: - सुरक्षा जमा में देरी: जनप्रतिनिधित्व कानून (R.P. Act) की धारा 117 के अनुसार, याचिका दाखिल करते समय ही सुरक्षा राशि जमा करना अनिवार्य है। यहां याचिका 4 जनवरी 2025 को दाखिल हुई, जबकि राशि 6 जनवरी को जमा की गई। इसे ‘असुधारनीय त्रुटि’ बताया गया। - जानकारी पहले से सार्वजनिक: सावंत ने अपने हलफनामे में पहले ही 20 लंबित मामलों की जानकारी दी थी। बचाव पक्ष के अनुसार, जिन मामलों का जिक्र नहीं किया गया, वे मामूली प्रकृति के थे (जैसे शोर-शराबा या राजनीतिक आंदोलन से जुड़े मामले) और चुनाव परिणाम पर उनका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। - कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन: यह भी तर्क दिया गया कि याचिका खुद उम्मीदवार द्वारा दाखिल नहीं की गई, बल्कि वकील के माध्यम से पेश की गई, जो धारा 81 का उल्लंघन है। *अदालत का फैसला दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा: - सुरक्षा जमा समय पर न करना एक गंभीर कानूनी त्रुटि है। - याचिका में ठोस तथ्यों का अभाव है। - जब उम्मीदवार पहले ही 20 मामलों का खुलासा कर चुका है, तो कुछ मामूली मामलों की जानकारी न देने से मतदाताओं पर बड़ा असर पड़ा, यह नहीं माना जा सकता। बहरहाल इस फैसले के बाद महेश सावंत का विधायक पद सुरक्षित बना हुआ है। अदालत ने याचिका को शुरुआती स्तर पर ही खारिज कर दिया, जिससे इस मामले में आगे कोई सुनवाई नहीं होगी। संतोष झा-०७ अप्रैल/२०२६/ईएमएस