अंतर्राष्ट्रीय
08-Apr-2026
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तेहरान,(ईएमएस)। ईरान की राजधानी तेहरान की सड़कों पर वर्तमान में विरोधाभासी माहौल बना हुआ है। दो सप्ताह के संघर्ष विराम (सीजफायर) के ऐलान के बाद जहां एक ओर रात से ही आम लोग राहत की सांस लेते हुए जश्न मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार समर्थक समूहों ने इस समझौते के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लंबे समय से जारी तनाव और विनाशकारी हमलों की आशंका के बीच यह राहत भरा पल आम नागरिकों के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आया है। लोग झंडे लेकर सड़कों पर निकल आए हैं और इस अस्थाई शांति का स्वागत कर रहे हैं। हालांकि, इस जश्न के पीछे भविष्य को लेकर कई गंभीर सवाल और आशंकाएं भी छिपी हुई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मंगलवार को अचानक किए गए इस ऐलान ने पूरी दुनिया को चौंका दिया। गौरतलब है कि यह सीजफायर उस समय हुआ जब तेहरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए दी गई समय सीमा समाप्त होने वाली थी और अमेरिका ने भारी हमलों की चेतावनी दी थी। इस घोषणा के बाद तेहरान के कुछ इलाकों में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन भी देखे गए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके झंडे जलाए और समझौते का विरोध किया। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इसे अपनी रणनीतिक जीत करार देते हुए दावा किया है कि अमेरिका ने उनकी शर्तें मान ली हैं, जबकि व्हाइट हाउस का कहना है कि उनकी सैन्य ताकत और दबाव के कारण ही ईरान बातचीत के लिए मजबूर हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ और विदेश मंत्री पेनी वोंग ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस दो सप्ताह के संघर्ष विराम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की बंदी और तेल व गैस सुविधाओं पर हमलों से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा था। ऑस्ट्रेलिया ने इस युद्ध को समाप्त करने के लिए मध्यस्थता करने वाले देशों—पाकिस्तान, मिस्र, तुर्किये और सऊदी अरब का आभार व्यक्त किया है। फिलहाल, सीजफायर तो लागू हो गया है, लेकिन अभी तक किसी अंतिम समझौते पर मुहर नहीं लगी है। दो सप्ताह की यह अवधि केवल एक अस्थाई विराम है या स्थायी शांति की दिशा में पहला कदम, यह अभी स्पष्ट नहीं है। कूटनीतिक हलकों में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या यह शांति टिक पाएगी या फिर दो हफ्तों बाद यह संघर्ष और अधिक विनाशकारी रूप में वापस लौटेगा। फिलहाल तेहरान की सड़कों पर खुशी और गुस्से का मिला-जुला अहसास इस अनिश्चित भविष्य की गवाही दे रहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/08अप्रैल2026