इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ ने मात्र 34 हजार रुपए लोन नहीं भर पाने के चलते यूको बैंक द्वारा एक परिवार के कब्जे में लिए घर को अस्थायी रूप से वापस दिलाने के आदेश दिए हैं। परिवार ने यूको बैंक से 9.50 लाख का लोन लिया था, जिसमें से 9.14 लाख रुपए उन्होंने भर भी दिए हैं और बाकी का पैसा भी वह जमा करना चाहते हैं, लेकिन बैंक ने उनके खिलाफ कब्जा लेने का फैसला लिया है। इसके खिलाफ उन्होंने डीआरटी (ऋण वसूली अधिकरण), जबलपुर में अपील भी दायर की है, लेकिन उनके घर पर कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने अपील से जुड़े दस्तावेज भी पेश किए। याचिका पीथमपुर निवासी जितेंद्र राठौर और उनकी पत्नी भावना राठौर की ओर से लगाई गई है। जिसमें उन्होंने कोर्ट को बताया कि बैंक के लोग उन्हें और बच्चों को धमका रहे हैं। डीआरटी जबलपुर में प्रीसाइडिंग ऑफिसर का पद खाली है। ऐसे में वहां के मामलों की सुनवाई डीआरटी इलाहाबाद के प्रीसाइडिंग ऑफिसर द्वारा सीमित तौर पर (केवल नीलामी और कब्जे से जुड़े मामलों में) की जा रही है। याचिकाकर्ताओं के केस की अगली तारीख 9 अक्टूबर 2026 तय थी, जो काफी दूर है, जिससे के कारण वे हाईकोर्ट आए हैं। याचिका सुनवाई उपरांत कोर्ट ने निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता 7 दिन में डीआरटी जबलपुर में जल्द सुनवाई का आवेदन दें। आवेदन पर डीआरटी जबलपुर के रजिस्ट्रार 15 दिन में मामला डीआरटी इलाहाबाद के प्रीसाइडिंग ऑफिसर के समक्ष पेश करेंगे तब तक याचिकाकर्ताओं को मकान में रहने की अनुमति दी जाती है। आनंद पुरोहित/ 08 अप्रैल 2026