पश्चिमी सिंहभूम (ईएमएस)।जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तमिलनाडु से मुक्त कराई गई नोआमुंडी की चार युवतियों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह पहल प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन तथा सचिव रवि चौधरी के नेतृत्व में की जा रही है।जानकारी के अनुसार, ये सभी युवतियाँ अत्यंत दयनीय परिस्थितियों में एक फैक्ट्री में काम करने को मजबूर थीं। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है। फिलहाल पारा लीगल वालंटियर्स उमर सादिक और प्रमिला पात्रा ने पीड़िताओं से मुलाकात कर आवश्यक दस्तावेज एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ते हुए समुचित पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके।इस मामले में जगन्नाथपुर क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकु के हस्तक्षेप के बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवतियों को सुरक्षित मुक्त कराया।डालसा की यह पहल न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। कर्मवीर सिंह/08अप्रैल/26