- कृषि जीवन पद्धति का मूल आधार : डॉ. यादव जबलपुर, (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि, परंपरा, वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीक के समन्वय से देश में कृषि विकास का राज्य बनकर उभरा है। किसानों की मेहनत, कृषि वैज्ञानिकों के शोध और सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश ने दलहन, तिलहन और खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान अब एक फसल से आगे बढ़कर दो एवं तीन फसली कृषि प्रणाली अपनाते हुए नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर में आयोजित कृषि मंथन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत कृषि नवाचारों, शोध परियोजनाओं, स्टार्टअप मॉडलों एवं आधुनिक तकनीकी प्रदर्शनों का अवलोकन करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार किसानों की आय वृद्धि का महत्वपूर्ण आधार बन रहे हैं। ड्रोन तकनीक, उन्नत कृषि यंत्र, प्राकृतिक खेती मॉडल, उन्नत बीज एवं प्रसंस्करण आधारित नवाचारों से कृषि का स्वरूप बदल रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन सहित कुल 23 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से निर्मित विभिन्न इकाइयों का लोकार्पण किया। साथ ही “जवाहर चारा डिजिटल स्कैनर” एवं कृषि अनुसंधान ट्रैकिंग एप का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर के कृषि विश्वविद्यालय को सात दशकों के इंतजार के बाद प्रशासनिक भवन की सौगात मिली है। 13 करोड़ रूपये की लागत से बने इस नवीन प्रशासनिक भवन को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी प्रशासनिक भवन के नाम से जाना जायेगा। यह भवन जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान एवं जय अनुसंधान की संकल्पना को साकार करेगा। कृषि परंपरा हजारो वर्ष पुरानी.............. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की कृषि परंपरा हजारों वर्षों पुरानी है तथा कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन पद्धति का मूल आधार है। ऋषि-मुनियों द्वारा विकसित कृषि ज्ञान आज भी प्रासंगिक है और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ उसका समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कृषि के प्रति सम्मान भारतीय जीवन दर्शन में सदैव विद्यमान रहा है। प्राचीन भीमबेटका शैलाश्रय मे भी इसका उल्लेख मिलता है। प्राकृतिक खेती समय की मांग.......... मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना वर्तमान समय की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश में प्राकृतिक खेती में देश का राज्य है और इसका क्षेत्र निरंतर बढ़ रहा है। सरकार द्वारा कोदो-कुटकी तथा रागी जैसे मोटे अनाजों के उत्पादन और उपार्जन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो रहा है तथा पोषणयुक्त कृषि को बढ़ावा मिल रहा है। उज्जैन के महाकाल मंदिर में प्रसाद के रूप में रागी के लड्डू का वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में भावांतर योजना अंतर्गत सरसों की खरीदी की जा रही है। गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है और किसानों को गेहूं का दाम 2700 रूपये प्रति क्विंटल तक दिलाने का संकल्प लिया गया है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य............. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालन को कृषि का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार ने दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। साथ ही, बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए शासकीय स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों के लिए नि:शुल्क दूध वितरण की योजना भी लागू की जा रही है। इन कार्यों का लोकार्पण............... मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में 23 करोड़ 21 लाख की लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण कर विकास की सौगाते दी। जिनमें प्रमुख रूप से 13 करोड़ रूपये की लागत से बने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के नवीन प्रशासनिक भवन, 1.11 करोड़ रूपये लागत के बोहानी गन्ना अनुसंधान केन्द्र के प्रशासनिक भवन, 1 करोड़ रूपये लागत के बालाघाट जिले के कृषि महाविद्यालय वारासिवनी के कौशल विकास केन्द्र के साथ ही जबलपुर में 1.26 करोड़ रूपये से बने स्वचालित तरल जैव उर्वरक उत्पादन केन्द्र का लोकार्पण किया। इसके अतिरिक्त किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की 4 करोड़ 92 लाख रूपये से निर्मित चार इकाईयों का भी लोकार्पण किया गया। जिसमें रीवा एवं शहडोल के ज्ञान प्रसार केन्द्र शामिल है। हितग्राहियों को हितलाभ का किया वितरण........... कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित 10 स्टार्टअप्स को 10 करोड़ रूपये से अधिक के स्वीकृति आदेश का वितरण किया। साथ ही कृषक अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने को लेकर पीपीव्ही, एफआर ऑथॉरिटी नई दिल्ली द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्र विश्वविद्यालय को प्रदान किया। उन्होंने कृषि सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करने के साथ ही विभिन्न विभागों के द्वारा संचालित योजनाओं के हितग्राहियों को प्रतिकात्मक स्वरूप हितलाभ का वितरण भी किया। ये रहे मौजूद........... कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल, राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीक, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अजय विश्नोई, अशोक ईश्वरदास रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष वरकड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोटिया, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रमोद कुमार मिश्रा, सचिव कृषि विभाग निशांत वरवड़े, कमिश्नर धनंजय सिंह एवं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति रही। सुनील साहू / मोनिका / 08 अप्रैल 2026/ 05.17