राज्य
08-Apr-2026


देहरादून (ईएमएस)। देवभूमि उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में ब्राह्मण समाज के विभिन्न संगठनों को एकजुट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। इस दौरान मंच के लिए मंथन सभा आयोजित की गई जिसमें सभी ने अपनी एकजुटता दिखाई। रानीपुर मोड़ स्थित स्थानीय होटल में ब्राह्मण समाज से जुड़े विभिन्न संगठनों अखिल भारतीय देवभूमि ब्राह्मण जन सेवा समिति, उत्तराखण्ड ब्राह्मण सभा, जनपदीय ब्राह्मण सभा, अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद्, ब्राह्मण जागृति संस्था, परशुराम अखाड़ा के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर बैठक का मुख्य उद्देश्य ब्राह्मण समाज के सम्मान की रक्षा तथा देश-प्रदेश में समय-समय पर ब्राह्मण समाज के विरुद्ध हो रहे दुर्भावनापूर्ण एवं द्वेषपूर्ण कृत्यों का संगठित रूप से विरोध और समाधान करना रहा। बैठक में निरंजनी अखाड़ा, मां मनसा देवी ट्रस्ट तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविन्द्र पुरी के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में उनके निर्देशानुसार ब्राह्मण समाज संयुक्त मंच के गठन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया, ताकि समाज की विभिन्न ईकाइयों को एक सूत्र में बांधकर सामूहिक शक्ति का निर्माण किया जा सके। बैठक में पंडित पद्म प्रकाश शर्मा एवं अधीर कौशिक ने एक स्वर में ब्राह्मण समाज की एकता पर बल दिया। वक्ताओं का कहना था कि वर्तमान समय में समाज को संगठित रहने की अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि विखंडन की स्थिति समाज की शक्ति को कमजोर करती है। उन्होंने कहा कि यदि सभी संगठन एक मंच पर आकर कार्य करें, तो समाज के सम्मान, अधिकारों और हितों की रक्षा अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकती है। बैठक में बालकृष्ण शास्त्री ने देश में लागू किए जा रहे विभिन्न शैक्षिक एवं सामाजिक नीतियों पर भी चिंता व्यक्त की। इस दौरान विशेष रूप से यूजीसी से जुड़े हालिया प्रावधानों और नीतियों का विरोध करते हुए कहा कि यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता और समान अवसर की भावना के विपरीत हैं। उन्होंने मांग की है कि ऐसे किसी भी निर्णय को लागू करने से पूर्व व्यापक स्तर पर संवाद और समीक्षा की जानी चाहिए। इस अवसर पर अनेक पदाधिकारी शामिल रहे। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/08 अप्रैल 2026