अंतर्राष्ट्रीय
10-Apr-2026
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तेहरान(ईएमएस)। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच कुवैत और सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ठिकानों पर हुए हमलों ने शांति के प्रयासों को गहरा झटका दिया है। कुवैत ने दावा किया है कि उस पर ईरान और उसके समर्थित गुटों द्वारा सुनियोजित हमला किया गया है। वहीं, सऊदी अरब ने भी अपनी प्रमुख ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के पंपिंग स्टेशन को भारी नुकसान पहुंचने की पुष्टि की है। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले के कारण तेल की आपूर्ति में प्रतिदिन लगभग 7 लाख बैरल की कमी आई है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में भी हलचल तेज हो गई है। इन आरोपों के बीच ईरान ने एक कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कुवैत पर हमले में शामिल होने की किसी भी संभावना से साफ इनकार कर दिया है। ईरानी सेना ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि ये खबरें और दावे पूरी तरह से झूठे और भ्रामक हैं। ईरान ने इन हमलों के लिए अपने कट्टर दुश्मन इजरायल और अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यह खाड़ी देशों के बीच गलतफहमी पैदा करने की एक गहरी साजिश हो सकती है। ईरान का तर्क है कि यहूदी दुश्मन इस क्षेत्र में अशांति फैलाकर शांति वार्ता को विफल करना चाहते हैं। दिलचस्प बात यह है कि जहां ईरान ने कुवैत में हुए हमले से पल्ला झाड़ लिया है, वहीं सऊदी अरब की पाइपलाइन पर हुए हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है। यह दोहरा रवैया क्षेत्र में कूटनीतिक जटिलता को और बढ़ा रहा है। यह तनाव ऐसे समय में चरम पर है जब महज कुछ घंटों पहले ही ईरान और अमेरिका के बीच एक अस्थायी सीजफायर पर सहमति बनी थी। इस समझौते के तहत अमेरिका ने ईरान की कई शर्तों को मानते हुए अपनी सेनाएं वापस बुलाने का वादा किया था, लेकिन इस शांति की घोषणा के तुरंत बाद लेबनान पर हुए भीषण हमलों ने स्थिति को फिर से विस्फोटक बना दिया है। लेबनान पर हुए उन हमलों में 300 से अधिक लोगों की जान चली गई है, जिसके कारण ईरान समर्थित गुटों में भारी आक्रोश है। इस अशांति के चलते पूरे मध्य पूर्व में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का मानना है कि सीजफायर के बावजूद जिस तरह से तेल पाइपलाइनों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है, उससे यह स्पष्ट है कि क्षेत्र के देश एक-दूसरे पर भरोसा करने के लिए तैयार नहीं हैं। कूटनीतिक वार्ता के बीच ये हमले शांति की संभावनाओं को धुंधला कर रहे हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/10अप्रैल2026