- पुत्र की चाहत, पारिवारिक कलह और जहरीले तत्व की एंट्री - जांच में हर दिन नया खुलासा अहमदाबाद (ईएमएस)| शहर के चांदखेड़ा इलाके में दो मासूम बच्चियों की रहस्यमयी मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। पुलिस जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं, जिसने इस दर्दनाक घटना को और भी गंभीर बना दिया है। अब जांच के दौरान एक ऐसी अहम कड़ी सामने आई है, जो इस पूरे घटनाक्रम की वजह बन सकती है। मृत बच्चियों की मां भावना के पास से मिली एक डायरी ने जांच की दिशा ही बदल दी है। इस डायरी में भावना ने पुत्र प्राप्ति की अपनी तीव्र इच्छा और इसके लिए रखी गई मन्नत का उल्लेख किया था। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि विमल और उनकी पत्नी भावना के बीच आर्थिक मामलों और कुछ निजी आदतों को लेकर अक्सर विवाद होते रहते थे। जानकारी के अनुसार, विमल गौरीशंकर प्रजापति वर्ष 2024 में कुछ समय के लिए काम के सिलसिले में मुंबई भी गए थे। परिवार में पहली बेटी के बाद बेटे की चाहत थी, लेकिन दूसरी संतान भी बेटी ही हुई। तीन वर्षीय मिस्टि और तीन महीने की मासूम बच्ची की मौत के बाद परिवार शोक में डूबा हुआ है। इस बीच मेडिकल जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है - माता-पिता के ब्लड सैंपल में एल्युमिनियम फॉस्फेट नामक जहरीला तत्व पाया गया है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि विमल ने “उमिया सीड्स एंड फर्टिलाइजर” से गेहूं में डालने वाली कीटनाशक दवा की 10 पुड़िया खरीदी थीं, जिनमें से 8 का इस्तेमाल हो चुका था और 2 बची हुई थीं। हालांकि, बच्चियों के एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार अभी भी जारी है, जिसके बाद ही मौत का सटीक कारण स्पष्ट हो सकेगा। चांदखेड़ा पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। अब तक परिवार के सदस्यों, डेयरी मालिक और खीरू लेने वाले ग्राहकों समेत कुल 25 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। शुरुआती जांच में खीरू (घोल) से मौत होने की आशंका अब कम नजर आ रही है। पुलिस ने घटनास्थल और घनश्याम डेयरी पर पंचनामा किया है, साथ ही पति-पत्नी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी मंगवाए गए हैं। फिलहाल माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से गहन पूछताछ जारी है। परिवार के अनुसार, 1 अप्रैल को विमलभाई प्रजापति आईओसी रोड स्थित घनश्याम डेयरी से डोसा बनाने के लिए खीरू लाए थे। उसी शाम उन्होंने डोसा खाया, जिसके बाद देर रात उन्हें उल्टियां शुरू हो गईं और अस्पताल ले जाया गया। अगले दिन 2 अप्रैल को उनकी पत्नी भावना और चार वर्षीय बेटी मिस्टि ने भी वही खीरू खाया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि भावना की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्होंने अपनी तीन महीने की बच्ची ‘राह’ को स्तनपान कराया, जिसके बाद बच्ची की मौत हो गई। वहीं, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती चार वर्षीय मिस्टि प्रजापति ने भी 3 अप्रैल को दम तोड़ दिया। सतीश/10 अप्रैल