क्षेत्रीय
10-Apr-2026
...


- विधिज्ञ परिषद का सख्त आदेश जारी - महिला अधिवक्ताओं वारा जताई गयी आपत्ति के बाद हुई कार्यवाही - नियमों के उल्लंघन पर चेतावनी कोरबा (ईएमएस) कोरबा जिला अधिवक्ता संघ चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद ने बड़ा फैसला लिया है। महिला अधिवक्ताओं की आपत्ति के बाद परिषद ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए चुनाव में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण अनिवार्य कर दिया है। साथ ही मुख्य चुनाव अधिकारी से इस संबंध में रिपोर्ट भी तलब की गई है। चुनाव 12 अप्रैल को प्रस्तावित है। दरअसल, चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी कर प्रत्याशियों की सूची जारी की जा चुकी है और प्रचार अभियान भी तेज हो गया है। इसी बीच महिला अधिवक्ताओं ने परिषद को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि चुनाव में 30 प्रतिशत आरक्षण का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। अधिवक्ता मीनू त्रिवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026-28 की कार्यकारिणी गठन प्रक्रिया में रोस्टर प्रणाली का पालन नहीं किया गया और महिलाओं के लिए पर्याप्त पद आरक्षित नहीं किए गए, जो नियमों के विपरीत है। उन्होंने इसे उच्चतम न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी बताते हुए चुनाव स्थगित करने की मांग भी उठाई। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि 6 फरवरी को राज्य स्तर से सभी अधिवक्ता संघों को 30 प्रतिशत महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 23 मार्च को भी मुख्य चुनाव अधिकारी को मान्यता नियम 2009 के तहत चुनाव कराने कहा गया था, लेकिन कोरबा में इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधिज्ञ परिषद ने 9 अप्रैल को मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि कुल 14 पदों में से कम से कम 5 पद महिलाओं के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो मान्यता नियम 2009 के तहत सख्त कार्यवाही की जाएगी। 10 अप्रैल / मित्तल