11-Apr-2026
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वॉशिंगटन,(ईएमएस)। नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस 2 मिशन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। 10 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा के बाद ओरियन कैप्सूल प्रशांत महासागर में सुरक्षित उतरा। इस मिशन के जरिए 50 वर्षों में पहली बार चार अंतरिक्ष यात्री—रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसन—चंद्रमा के करीब पहुंचे। उन्होंने कुल 11.16 लाख किलोमीटर की दूरी तय की और चंद्रमा के फार साइड से गुजरते हुए पृथ्वी से 4,06,771 किलोमीटर की अधिकतम दूरी का नया रिकॉर्ड बनाया। पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के दौरान कैप्सूल की गति 39,000 किलोमीटर प्रति घंटा थी और घर्षण के कारण बाहरी तापमान 2760 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। सफल स्प्लैशडाउन के बाद अमेरिकी नौसेना ने अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह मिशन इसलिए खास है क्योंकि इसमें पहली बार एक महिला, एक अश्वेत व्यक्ति और एक गैर-अमेरिकी नागरिक ने चंद्रमा की कक्षा तक का सफर तय किया। यह सफलता नासा के आगामी आर्टेमिस 3 मिशन का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिसका लक्ष्य 2028 तक चंद्रमा पर मानव लैंडिंग और भविष्य में मंगल ग्रह तक पहुंचना है। आर्टेमिस-2 मिशन क्यों महत्वपूर्ण था? आर्टेमिस-2 नासा का पहला क्रूड टेस्ट फ्लाइट था, जिसमें चार अंतरिक्ष यात्री शामिल थे। वे 1 अप्रैल को फ्लोरिडा के केप कैनवरल से एसएलएस रॉकेट से लॉन्च हुए थे। मिशन में उन्होंने पृथ्वी की दो कक्षाओं में घूमने के बाद चंद्रमा के बहुत करीब पहुंचकर उसकी परिक्रमा की। चंद्रमा के दूर वाले हिस्से यानी फार साइड के पास से गुजरते हुए वे पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी पर पहुंचे। उनकी सबसे ज्यादा दूरी 406771 किलोमीटर थी, जो अपोलो 13 के पुराने रिकॉर्ड से ज्यादा थी। वीरेंद्र/ईएमएस/11अप्रैल2026