व्यापार
11-Apr-2026


- एनसीएलटी से मंजूरी के बाद भी कानूनी लड़ाई जारी, कर्ज से जूझ रही कंपनी का भविष्य अधर में नई दिल्ली (ईएमएस)। कर्ज के भारी बोझ से जूझ रही जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के अधिग्रहण को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कंपनी के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने अदाणी समूह के पक्ष में अपना समर्थन जताया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रतिद्वंद्वी वेदांता लिमिटेड इस अधिग्रहण प्रक्रिया को अदालत में चुनौती दे रही है। संस्थापक जेपी गौड़ ने स्पष्ट किया है कि कॉमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) और रेजोल्यूशन प्रोफेशनल द्वारा संचालित दिवाला समाधान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रही है। उनके अनुसार, बहुमत के आधार पर लिया गया निर्णय सभी हितधारकों के लिए स्वीकार्य होना चाहिए। गौरतलब है कि पिछले वर्ष नवंबर में सीओसी ने लगभग 90 प्रतिशत वोटिंग के साथ अदाणी इंटरप्राइजेस ‎लिमिटेड की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी दी थी। इस प्रक्रिया में वेदांता ‎लिमिटेड और डालमिया समूह ने भी भाग लिया था। बाद में 17 मार्च को एनसीएलटी की इलाहाबाद बेंच ने भी इस बोली को मंजूरी दे दी। हालांकि वेदांता ने 17,926 करोड़ रुपये की ऊंची बोली लगाई थी और अब उसने इस फैसले को एनसीएलएटी में चुनौती दी है। वेदांता का दावा है कि उन्हें पहले अनौपचारिक रूप से समर्थन मिला था, जिसे बाद में बिना कारण बदला गया। इसके बावजूद, संस्थापक जयप्रकाश गौड़ का कहना है कि वह सीओसी के निर्णय का सम्मान करते हैं और उन्हें विश्वास है कि गौतम अडानी के नेतृत्व में जेपी एसोसिएट्स नई दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने वेदांता की भागीदारी के लिए भी आभार जताया। जेपी पर लगभग 57,185 करोड़ रुपये के कर्ज के डिफॉल्ट के बाद जून 2024 में कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रक्रिया शुरू हुई थी। कंपनी के पास रियल एस्टेट टाउनशिप, होटल, कमर्शियल प्रॉपर्टी और सीमेंट प्लांट जैसी कई बड़ी संपत्तियां मौजूद हैं। सतीश मोरे/11अप्रेल ---