अंतर्राष्ट्रीय
11-Apr-2026


इस्लामाबाद(ईएमएस)। पाकिस्तान के सेरेना होटल में आज दुनिया की सबसे बड़ी कूटनीतिक मेज सज चुकी है, लेकिन बातचीत की मेज पर बैठने से पहले ही ईरान के भीतर एक बड़ा कूटनीतिक संकट खड़ा हो गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची और शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) के कमांडरों के बीच ‘नेगोशिएशन टीम’ के गठन को लेकर जबरदस्त टकराव शुरू हो गया है। विदेशी जमीन पर जंग रोकने के इरादे से पहुंचे ईरानी दिग्गज अब अपनों के बीच ही पावर की जंग लड़ रहे हैं। ईरान में सत्ता के दो केंद्रों के बीच मची इस खींचतान की रिपोर्टों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। बताया जा रहा है कि आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ अहमद वाहिदी अब सीधे तौर पर कूटनीति में दखल दे रहे हैं। वे विदेश मंत्री अब्बास अरागची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ की ताकत को कम करने की कोशिश में जुटे हैं। वाहिदी की जिद है कि मोहम्मद बागेर जोलगाद्र को बातचीत की टीम में शामिल किया जाए, जिन्हें आईआरजीसी के दबाव में पहले ही नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया जा चुका है। हालांकि, मौजूदा नेगोशिएशन टीम इसका कड़ा विरोध कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जोलगाद्र जैसे लोग कूटनीतिक बारीकियों को नहीं समझते और इतने बड़े स्तर की रणनीतिक बातचीत के लिए अनुभवहीन हैं। इस आंतरिक कलह का सबसे बड़ा केंद्र ईरान का ‘मिसाइल प्रोग्राम’ है। आईआरजीसी के कमांडरों ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रतिनिधिमंडल मिसाइल प्रोग्राम को लेकर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। यह रुख अमेरिका के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि ट्रंप प्रशासन का मुख्य एजेंडा ही ईरान के मिसाइल नेटवर्क को नियंत्रित करना है। सेना के इस अड़ियल रुख ने विदेश मंत्रालय के हाथ बांध दिए हैं, जिससे इस्लामाबाद वार्ता के बेनतीजा रहने का खतरा बढ़ गया है। दूसरी ओर, सीजफायर की शर्तों को लेकर भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ईरानी स्पीकर गालिबाफ का दावा है कि बातचीत के दायरे में लेबनान भी शामिल है, जबकि इजरायल और अमेरिका ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। स्पष्ट है कि ईरान की सेना और सरकार एक पन्ने पर नहीं हैं। जहां कूटनीतिज्ञ प्रतिबंधों से राहत चाहते हैं, वहीं सेना अपनी सैन्य शक्ति पर किसी भी आंच को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। यदि ईरान अपनी आंतरिक खींचतान को नहीं सुलझा पाता, तो यह शांति वार्ता शुरू होने से पहले ही विफल हो सकती है। वीरेंद्र/ईएमएस/11अप्रैल2026 ---------------------------------