अंतर्राष्ट्रीय
11-Apr-2026


इस्लामाबाद,(ईएमएस)। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बहुप्रतीक्षित शांति वार्ता से पहले कूटनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया है। ईरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगर कालिबाफ ने वार्ता की मेज पर बैठने से पहले ही अत्यंत सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि पहले भरोसा, फिर बातचीत का दौर अब बीत चुका है। तेहरान ने दो प्रमुख शर्तें रखी हैं और कहा है कि जब तक इन पर ठोस प्रगति नहीं होती, वे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाकात तक नहीं करेंगे। ईरानी प्रतिनिधिमंडल शनिवार को नूर खान एयरबेस पर उतरा, जहां पाकिस्तानी वायुसेना के फाइटर जेट्स ने उन्हें एस्कॉर्ट कर विशेष सम्मान दिया। हालांकि, इस स्वागत के बीच कालिबाफ का रुख बेहद कड़ा रहा। उन्होंने मांग की है कि लेबनान और पूरे रेसिस्टेंस एक्सिस में तत्काल पूर्ण सीजफायर लागू किया जाए और अलग-अलग देशों में फंसे ईरान के करीब 100 से 120 अरब डॉलर के फंड को तत्काल मुक्त करने का सार्वजनिक एलान हो। तेहरान का तर्क है कि कतर, दक्षिण कोरिया, चीन और जापान जैसे देशों में अटकी यह भारी-भरकम राशि उसकी अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा। ईरान की यह सख्ती केवल राजनीतिक नहीं बल्कि भावनात्मक भी है। इस्लामाबाद की उड़ान के दौरान कालिबाफ ने विमान के भीतर से एक तस्वीर साझा की, जिसमें सीटों के पीछे मिनाब स्कूल हमले में मारे गए मासूम बच्चों की तस्वीरें लगी थीं। उन्होंने हैशटैग का इस्तेमाल किया, जो उस त्रासदी की याद दिलाता है जिसमें 170 से ज्यादा लोग मारे गए थे। यह पोस्ट अमेरिका पर नैतिक दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है। दूसरी ओर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस एक विशाल प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। वाशिंगटन इस वार्ता को एक बड़े रणनीतिक मौके के रूप में देख रहा है, लेकिन ईरान द्वारा लगाए गए 10-पॉइंट प्रपोजल के उल्लंघन के आरोपों ने अमेरिका की राह कठिन कर दी है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने ईरानी हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसपैठ और यूरेनियम संवर्धन के अधिकारों जैसे क्लॉज का उल्लंघन किया है। मेजबान देश पाकिस्तान के लिए भी यह समय अग्निपरीक्षा जैसा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर इस जटिल कूटनीतिक गतिरोध को सुलझाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद के सेरेना होटल पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि क्या अमेरिका ईरान की शर्तों को मानकर ट्रस्ट बिल्डिंग की शुरुआत करेगा या शांति की यह कोशिश एक नए तनाव में बदल जाएगी। वीरेंद्र/ईएमएस/11अप्रैल2026 ---------------------------------