11-Apr-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली स्थित रियल एस्टेट कंपनी अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (ईआइएल) के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की है। एजेंसी के अधिकारियों ने शनिवार को जानकारी दी कि इस कंपनी पर 19,425 से अधिक घर खरीदारों और निवेशकों से लगभग 2024.45 करोड़ रुपए वसूलने का आरोप है। कंपनी ने निवेशकों को समय पर डिलीवरी देने और साथ ही अच्छे रिटर्न का वादा किया था। हालांकि, कंपनी अपने इन वादों को पूरा करने में विफल रही और निवेशकों के करोड़ों रुपये फंस गए, जिसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के आरोपों के तहत यह कार्रवाई की गई है। ईडी ने शुक्रवार को दिल्ली और गुरुग्राम में कंपनी के प्रमोटरों और सहयोगियों से जुड़े दस ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी ने 6.3 करोड़ नकद, लगभग 7.5 करोड़ मूल्य के गहने, चांदी की सिल्लियां और कई लग्जरी घड़ियां बरामद की हैं। ईआइएल और उसकी समूह संस्थाओं के खिलाफ ईओडब्ल्यू की तरफ से दर्ज की गई पांच एफआइआर दर्ज की गई थी। इसी के बाद मनी लॉन्ड्रिंग की यह जांच की जा रही है। इन एफआईआर में कंपनी और उसके निदेशकों पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेन ऑफिस (एसएफआइओ) ने भी अर्थ ग्रुप के प्रमोटरों और निदेशकों के खिलाफ कंपनी अधिनियम की धारा 447 के तहत आपराधिक शिकायत दर्ज की है। ईडी के अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया है कि अर्थ ग्रुप ने अपनी कंपनी अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और अन्य सहयोगी संस्थाओं के जरिए दिल्ली- एनसीआर, गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ में अर्थ ब्रांड के तहत कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए थे।इनमें प्रमुख प्रोजेक्ट्स में अर्थ टाउन, अर्थ सफायर कोर्ट, अर्थ कोपिया, अर्थ टेक-वन, अर्थ आइकॉनिक, अर्थ टाइटेनियम, अर्थ इलाकासा, अर्थ ग्रेसिया और अर्थ स्काईगेट शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों की समय पर डिलीवरी और निश्चित रिटर्न का झांसा देकर 19,425 से अधिक घर खरीदारों और निवेशकों से लगभग 2024.45 करोड़ की भारी रकम जुटाई गई थी, जिसे बाद में हड़प लिया गया। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/11/ अप्रैल /2026