स्थानीय सटोरिए अंतरर्राष्ट्रीय नेटवर्क पर निर्भर जबलपुर, (ईएमएस)। इंडियन प्रीमियर लीग(आईपीएल) क्रिकेट मैच के मुकाबलों के दौरान सट्टा खिलाने वालों का मुंबई और दुबई से ब्रेकअप हो गया| यहां से आने वाली लिंक ब्रेक हो गई| अब सटोरिए हांगकांग के भरोसे अपना कारोबार चला रहे है| इधर सटोरियों पर कार्रवाई करने के लिए क्राईम ब्रांच, सायबर सेल और थानों की पुलिस घात लगाये बैठी हैं| एक तरफ पुलिस ने फिल्डिंग जमा रखी है तो दूसरी तरफ आईपीएल सटोरियों ने अपनी फिल्डिंग जमा रखी है| मुखबिरों को अलर्ट कर दिया गया है| पुलिस संदिग्ध स्थानों में छापामार कार्रवाई करने की जुगत में हैं और नामचीन सटोरियों पर लगातार नजर बनाई हुई है| शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में ऑनलाईन सट्टा खिलाया जा रहा हैं| लिहाजा पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपनी नजर गड़ा दी है। शहर के भीतर पुलिस की सख्त घेराबंदी के कारण स्थानीय स्तर पर सट्टे की लिंक उपलब्ध होना कठिन हो गया है, जिसके चलते सटोरियों ने अब बाहरी संपर्कों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। सटोरियों के बीच व्याप्त चर्चाओं के अनुसार पहले मुंबई, गोवा, दुबई जैसे शहरों से ऑनलाईन सट्टे की लिंक आती थी, अब इन केंद्रों से लिंक मिलना बंद हो गया है| लिहाजा सटोरियों ने हांगकांग के तरफ रुख कर लिया है और वहां से लिंक हासिल करने की कोशिशें शुरु हो गई है| स्थानीय सटोरिए पूरी तरह से अंतरर्राष्ट्रीय नेटवर्क पर निर्भर हो गए| आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल............. बताया गया है कि अब ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए आधुनिक तकनीकी और गुप्त तरीकों का प्रयोग किया जा रहा है। कंप्यूटर और लैपटॉप पर ई-डॉक्यूमेंट्स में एजेंटों के नाम व सट्टे की राशि को कोडवर्ड में दिया जा रहा है| यह पूरा खेल एक विशेष मोबाइल एप के माध्यम से संचालित होता है, जो सामान्य तौर पर गूगल प्ले स्टोर जैसे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं रहता। सट्टेबाज पहले नए ग्राहकों की पहचान और उनकी विश्वसनीयता की पुष्टि करते हैं, इसके बाद ही उन्हें एप डाउनलोड करने के लिए एक निजी लिंक भेजा जाता है। सुनील साहू / मोनिका / 11 अप्रैल 2026/ 05.52