खेल
11-Apr-2026


:: 13 स्वर्ण और 4 रजत के साथ भारत बना निर्विवाद चैंपियन, प्रियनुज और जेनिफर ने जीते दोहरे खिताब :: शिमला (ईएमएस)। पहाड़ों की रानी शिमला में आयोजित दक्षिण एशियाई युवा टेबल टेनिस चैंपियनशिप में भारतीय पैडलर्स ने अपने बल्ले का ऐसा जादू बिखेरा कि विपक्षी टीमें उनके सामने टिक नहीं सकीं। एशियाई युवा चैंपियनशिप के क्वालीफायर के रूप में खेली गई इस प्रतियोगिता में भारत ने 13 स्वर्ण और 4 रजत पदक जीतकर एक बार फिर अपनी क्षेत्रीय सर्वोच्चता सिद्ध कर दी। भारतीय दल ने टीम स्पर्धाओं के बाद व्यक्तिगत और युगल श्रेणियों के फाइनल में भी विपक्षी देशों का सूपड़ा साफ कर निर्विवाद बढ़त बनाई। अंडर-19 बालक एकल के खिताबी मुकाबले में प्रियनुज भट्टाचार्य और पुनीत बिस्वास के बीच ऑल इंडिया फाइनल हुआ, जिसमें प्रियनुज ने पुनीत को 11-7, 6-11, 11-7, 11-6 से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, बालिकाओं के इसी आयु वर्ग में जेनिफर वर्गीस ने पहला गेम हारने के बाद शानदार वापसी करते हुए अनन्या मुरलीधरन को 7-11, 11-9, 11-8, 11-6 से हराकर एकल खिताब पर कब्जा जमाया। प्रियनुज और जेनिफर की जोड़ी ने मिश्रित युगल में भी मालदीव की जोड़ी को 12-10, 11-2, 11-5 से मात देकर खिताबी डबल पूरा किया। जूनियर वर्ग में भी भारतीय खिलाड़ियों का वर्चस्व रहा। अंडर-15 बालक एकल में आदित्य दास ने दबदबा बनाते हुए अक्षय किरीकरा को सीधे सेटों में 11-6, 11-6, 11-6 से पराजित किया। बालिकाओं के वर्ग में अकोलिका चक्रवर्ती ने अहोना रे को बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में 12-10, 15-13, 8-11, 11-5 से हराकर स्वर्णिम सफलता प्राप्त की। बालक युगल में ऋषाण चट्टोपाध्याय और आकाश राजवेलु की जोड़ी ने नेपाल के खिलाड़ियों को पांच गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 8-11, 13-11, 9-11, 11-1, 11-4 से हराकर तिरंगा लहराया। इसी प्रकार अंडर-19 युगल में बी. मुरुगन और एम. सेंथिल ने बांग्लादेश की जोड़ी को 9-11, 11-7, 11-4, 11-5 से हराकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। बालिका युगल वर्ग में भी भारत ने क्लीन स्वीप किया। अंडर-19 में प्रिशा गोयल और दित्सा रॉय ने नेपाल की जोड़ी को 11-5, 11-9, 13-11 से मात दी, जबकि अंडर-15 में श्रीजनी चक्रवर्ती और तनिष्का कलभैरव ने पिछड़ने के बाद 14-16, 11-5, 11-5, 11-4 से जीत दर्ज की। आदित्य और अकोलिका ने अंडर-15 मिश्रित युगल में मालदीव को 11-5, 11-4, 11-9 से हराकर भारत के लिए स्वर्णिम अभियान का शानदार समापन किया। इस प्रदर्शन के साथ ही भारत ने एशियाई स्तर की बड़ी प्रतियोगिता के लिए अपना दावा मजबूती से ठोक दिया है। प्रकाश/11 अप्रैल 2026