राष्ट्रीय
13-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। गर्मी के मौसम में तैराकी और जल व्यायाम संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक प्रभावी और आनंददायक मार्ग बनकर उभरा हैं। विशेषकर बुजुर्गों और पुरानी (बीमारियों से जूझ रहे व्यक्तियों के लिए यह अभ्यास अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहा है। तैराकी का सबसे महत्वपूर्ण लाभ पानी का उत्प्लावन बल है, जो शरीर का वजन कम कर देता है। इससे जोड़ों पर पड़ने वाला दबाव नगण्य हो जाता है, जिससे दर्द या चोट का जोखिम काफी कम हो जाता है। जो लोग गठिया, घुटनों के दर्द या हड्डियों की कमजोरी से परेशान रहते हैं, उनके लिए तैराकी एक सुरक्षित और अत्यंत प्रभावी व्यायाम है। यह एरोबिक व्यायाम के साथ-साथ मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाला प्रशिक्षण भी प्रदान करती है, जिससे शरीर में नई ऊर्जा और स्फूर्ति आती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तैराकी हृदय स्वास्थ्य को उल्लेखनीय रूप से बेहतर बनाती है, रक्त संचार में सुधार करती है और शरीर की अधिकतम ऑक्सीजन ग्रहण क्षमता को बढ़ाती है। यह मधुमेह (डायबिटीज), उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और हृदय संबंधी बीमारियों वाले लोगों के लिए भी बेहद उपयोगी है। नियमित तैराकी से मांसपेशियों की ताकत, सहनशक्ति, संतुलन और लचीलापन बढ़ता है, जो दैनिक जीवन की गतिविधियों को आसान बनाता है। गर्मी के मौसम में तैराकी का एक और बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखती है और डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) से बचाती है। इसके साथ ही, पानी में व्यायाम करने से अनेक मनोवैज्ञानिक लाभ भी प्राप्त होते हैं। यह तनाव, चिंता और अवसाद को कम करने में सहायक है, जिससे मूड बेहतर होता है और नींद की गुणवत्ता में भी सुधार आता है। तैराकी के दौरान एंडोर्फिन, डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे खुशी वाले हार्मोन जारी होते हैं, जो सुकून और कल्याण का एहसास कराते हैं। कुछ शोधों से यह भी सामने आया है कि पानी के आस-पास रहने से कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर घटता है और ऑक्सीटोसिन बढ़ता है, जिससे व्यक्ति अधिक प्रसन्न और स्वस्थ महसूस करता है। सामाजिक अलगाव और अकेलापन, विशेषकर बुजुर्गों में, एक आम समस्या है। समूह में की जाने वाली तैराकी या जलीय गतिविधियाँ इस समस्या को कम करती हैं और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाती हैं। वैज्ञानिक शोध यह भी दर्शाते हैं कि नदियों, झीलों या स्विमिंग पूल जैसे ब्लू स्पेस में समय बिताने से शारीरिक गतिविधि बढ़ती है, तनाव में कमी आती है और समग्र स्वास्थ्य बेहतर होता है। सुदामा/ईएमएस 13 अप्रैल 2026