13-Apr-2026
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-ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि इलाही ने कहा- यह मामला पूरी दुनिया के लिए गंभीर नई दिल्ली,(ईएमएस)। इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता फेल होने के बाद दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं में एक बार फिर खलबली मच गई है। अमेरिका के आक्रामक रुख को देखते हुए कहा जा सकता है कि तेल संकट की वजह से हाहाकार मच सकता है। अमेरिका ने ईरान को पोर्ट्स पर नाकेबंदी करने का फैसला कर लिया है। इसी बीच दिल्ली में ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि यह मामला केवल अमेरिका के लिए नहीं बल्कि पूरी दनिया के लिए गंभीर है। होर्मुज को लेकर उन्होंने कहा कि हम उसे खोलने को तैयार हैं लेकिन अभी स्थितियां ठीक नहीं हैं। कुछ जहाजों को यहां से गुजरने की इजाजत दी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप के धमकी वाले बयान को लेकर उन्होंने कहा कि दुनियाभर के जो भी देश या नेता शांति चाहते हैं, हमने सबसे बात करने की कोशिश की है। हमने कहा कि वे सभी मिलकर आवाज उठाएं और युद्ध को रुकवाएं। उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिकी जहाज क्या कर रहे हैं? उन्हें वहां से निकल जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम अब भी बात करने को तैयार हैं लेकिन मानव मूल्यों, संप्रभुता और मूल अधिकारों को ध्यान में रखकर ही बातचीत होगी। हमने कभी बातचीत की टेबल नहीं छोड़ी लेकिन उनकी मांगें ऐसी थीं जो कि मानी नहीं जा सकती थीं। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने सोमवार को ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात की नाकाबंदी शुरू करने का निश्चय किया है। कमान ने कहा कि अमेरिकी केंद्रीय कमान के बल राष्ट्रपति की घोषणा के मुताबिक 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात की नाकाबंदी शुरू करेगा। कमांड का कहना है कि यह नाकाबंदी “ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों के खिलाफ निष्पक्ष रूप से लागू की जाएगी, जिसमें अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी बंदरगाह शामिल हैं। इसमें आगे कहा गया है, सेंटकॉम बल होर्मुज जलडमरूमध्य से गैर-ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों के लिए नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा नहीं डालेंगे। सिराज/ईएमएस 13अप्रैल26