रायपुर (ईएमएस)। प्रदेश में नकली पनीर के निर्माण और बिक्री को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया है कि राजधानी सहित कई शहरों में बड़े पैमाने पर नकली पनीर का कारोबार चल रहा है, जो आम जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि पशुओं की चर्बी, तेल और अन्य रासायनिक पदार्थों से नकली पनीर बनाए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो गई है और नकली दूध, खोवा तथा पनीर जैसे उत्पादों का कारोबार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य में 33 जिलों के लिए मात्र 9 मोबाइल यूनिट होने और उनके भी लंबे समय से निष्क्रिय होने से निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ विशेष जांच दल गठित करे और पूरे प्रदेश में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि इस तरह के अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सके। सुशील आनंद शुक्ला ने यह भी सवाल उठाया कि पूर्व में जिन नकली पनीर फैक्ट्रियों पर छापेमारी की गई थी, वे दोबारा कैसे सक्रिय हो गईं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह स्थिति आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट बन सकती है। उन्होंने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने से लोगों की सेहत खतरे में पड़ रही है, और सरकार को इस दिशा में तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/ 13 अप्रैल 2026