तेहरान,(ईएमएस)। तेहरान में सरकारी मीडिया द्वारा जारी किए एक वीडियो और उसके बाद आए बयानों को लेकर तनावपूर्ण समुद्री स्थिति का दावा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना ईरान की सरकारी मीडिया एवं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से जुड़ी है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों के साथ कथित आमना-सामना दिखाया गया है। आईआरजीसी द्वारा सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में दावा किया गया कि आईआरजीसी नौसेना ने अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस फ्रैंक ई.पीटरसन जूनियर को चेतावनी दी कि वह अपना मार्ग बदलकर वापस लौट जाए। वीडियो में कथित तौर पर एक ईरानी नौसैनिक अधिकारी जहाज की पहचान संख्या लेकर रेडियो संदेश भेजकर कहता है कि यदि आदेश का पालन नहीं हुआ, तब कार्रवाई की जाएगी। इसके जवाब में अमेरिकी पक्ष की ओर से कहा जाता है कि जहाज अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत “ट्रांजिट पैसेज” में वैध रूप से गुजर रहा है और उसका किसी भी तरह का टकराव का इरादा नहीं है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आईआरजीसी ने चेतावनी को और सख्त कर आसपास के सभी जहाजों को 10 मील की दूरी बनाए रखने को कहा और बिना चेतावनी के गोलीबारी करने की बात भी कही। इसके साथ ही ईरानी मीडिया ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना के दो विध्वंसक जहाजों यूएसएस माइकल मर्फी और यूएसएस फ्रैंक ई.पीटरसन जूनियर को ईरानी चेतावनी के बाद मार्ग बदलना पड़ा। अमेरिकी नौसेना की ओर से पहले यह घोषणा की गई थी कि उसके दो गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जहाज होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरे हैं। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा खाड़ी क्षेत्र में माइन-क्लीयरेंस (बारूदी सुरंग हटाने) अभियान चलाने की भी बात कही गई थी। ईरानी सैन्य ढांचे से जुड़े खातम अल-अनबिया मुख्यालय ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह घटनाओं का गलत चित्रण है। दूसरी ओर, ईरानी सरकारी टीवी “प्रेस टीवी” ने इसे अमेरिका की तरफ से किया गया “प्रचार प्रयास” बताया और दावा किया कि अमेरिकी जहाजों को ईरानी नौसेना की चेतावनी के कारण पीछे हटना पड़ा। आशीष/ईएमएस 14 अप्रैल 2026