- 2027 का अनुमान 2026 में ही पार नई दिल्ली (ईएमएस)। राजधानी दिल्ली में कूड़ा उत्पादन अनुमान से कहीं अधिक बढ़ गया है, 2027 का लक्ष्य 2026 में ही पार हो गया। प्रतिदिन 12847 मीट्रिक टन कूड़ा उत्पन्न हो रहा है, जिसके लिए ऑनलाइन फूड डिलीवरी, पैकेजिंग और बढ़ती आबादी जिम्मेदार हैं। राजधानी दिल्ली में 103 किलोमीटर रेलवे के ट्रेक है। जहां से 18 हजार मीट्रिक टन कूड़ा एमसीडी ने साफ किया है। जिसकी वजह से कूड़ा उत्पन्न होने की मात्रा बढ़ गई है। अधिकारी ने बताया कि एक अध्ययन में यह बात सामने आई थी कि 2004 तक दिल्ली में जहां प्रति व्यक्ति 500 ग्राम कूड़ा उत्पन्न होता था वह 2014 में बढ़कर 600 ग्राम हो गया है। साथ ही आनलाइन डिलवरी के बढ़ते प्रचलन की वजह से इसकी मात्रा अब 650 से 700 ग्राम प्रति व्यक्ति होने की संभावना है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि वर्ष 2028 तक दिल्ली में 15,292 मीट्रिक टन प्रतिदिन कूड़ा उत्पन्न होने लगेगा। ऐसे में निगम इसके निस्तारण की क्षमता का मिलान करने के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट और मेटेरियल रिकवरी सेंटर के साथ ही खाद बनाने की क्षमता की वृद्धि कर रही है। राजधानी दिल्ली में 103 किलोमीटर रेलवे के ट्रेक है। जहां से 18 हजार मीट्रिक टन कूड़ा एमसीडी ने साफ किया है। जिसकी वजह से कूड़ा उत्पन्न होने की मात्रा बढ़ गई है। अधिकारी ने बताया कि एक अध्ययन में यह बात सामने आई थी कि 2004 तक दिल्ली में जहां प्रति व्यक्ति 500 ग्राम कूड़ा उत्पन्न होता था वह 2014 में बढ़कर 600 ग्राम हो गया है। साथ ही आनलाइन डिलवरी के बढ़ते प्रचलन की वजह से इसकी मात्रा अब 650 से 700 ग्राम प्रति व्यक्ति होने की संभावना है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि वर्ष 2028 तक दिल्ली में 15,292 मीट्रिक टन प्रतिदिन कूड़ा उत्पन्न होने लगेगा। ऐसे में निगम इसके निस्तारण की क्षमता का मिलान करने के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट और मेटेरियल रिकवरी सेंटर के साथ ही खाद बनाने की क्षमता की वृद्धि कर रही है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/14/ अप्रैल /2026