- गोरेगांव के नेस्को परिसर में हुई ड्रग्स पार्टी की भनक पुलिस को कैसे नहीं लगी; क्या पूरी व्यवस्था सिर्फ प्रतिशत, हफ्ता और ‘वसूली’ के लिए ही है?- हर्षवर्धन सपकाल - देवेंद्र फडणवीस से गृह विभाग ही नहीं, महाराष्ट्र का प्रशासन भी संभल नहीं रहा- हर्षवर्धन सपकाल मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को परिसर में आयोजित लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट में शराब और ड्रग्स का खुलेआम इस्तेमाल किया गया। ड्रग्स के कारण दो लोगों की मौत होने तक पुलिस और सरकारी तंत्र सोया हुआ था, अब कार्रवाई का दिखावा शुरू किया गया है। लेकिन मुंबई के एक इलाके में चार से पांच हजार युवक-युवतियों की ड्रग्स पार्टी हो रही थी, इसकी भनक पुलिस को कैसे नहीं लगी? मुंबई की यह घटना दो मौतों के कारण सामने आई, लेकिन केवल मुंबई ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के कोने-कोने में ड्रग्स का काला धंधा सरकार के आशीर्वाद से चल रहा है और भाजपा महायुती की निकम्मी सरकार की वजह से ही महाराष्ट्र की युवा पीढ़ी ड्रग्स के जाल में फंस रही है, ऐसा तीखा हमला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया। इस संदर्भ में प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि मुंबई पुलिस और सरकारी तंत्र की नाक के नीचे इस तरह की ड्रग्स और शराब पार्टियां खुलेआम हो रही हैं, यह गृह विभाग और सभी एजेंसियों की बड़ी विफलता है। संस्कारी महाराष्ट्र की युवा पीढ़ी का ड्रग्स के जाल में फंसना भाजपा महायुती सरकार के अंधे प्रशासन का परिणाम है। राज्य के एक उपमुख्यमंत्री के भाई के खेत में ही ड्रग्स का कारखाना चल रहा था, वह उजागर होने के बाद भी औपचारिक कार्रवाई कर मामले को दबा दिया गया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी उसे क्लीन चिट दे दी, जो बेहद गंभीर है। राज्य में ड्रग्स का कारोबार खुलेआम चल रहा है, यह नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर, सोलापुर की घटनाओं से पहले ही स्पष्ट हो चुका है, फिर भी सरकार जागी नहीं। ड्रग्स माफिया ललित पाटिल का मामला हो, नाशिक का ड्रग्स प्रकरण हो या सातारा का ड्रग्स कारखाना-इन सभी के तार सरकार के बड़े लोगों से जुड़े होने की बात महाराष्ट्र देख चुका है। आखिर और कितनी मौतों के बाद फडणवीस सरकार चुप्पी तोड़ेगी और सिर्फ क्लीन चिट बांटना बंद करेगी? नेस्को में चार-पांच हजार छात्रों की ऐसी पार्टी को अनुमति किसने दी? सरकार और पुलिस किसे बचा रही है, यह स्पष्ट होना चाहिए। राज्य में यह तस्वीर दिखाई दे रही है कि सरकार ने पुलिस और सभी एजेंसियों को केवल प्रतिशत, हफ्ता वसूली और आम जनता पर कानून का दुरुपयोग कर ‘वसूली’ करने के काम में लगा दिया है। देवेंद्र फडणवीस बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन उनसे न तो गृह विभाग संभल रहा है और न ही राज्य का प्रशासन। अगर नहीं हो रहा है तो कुर्सी छोड़ दें, लेकिन महाराष्ट्र को बर्बाद न करें, ऐसा भी हर्षवर्धन सपकाल ने कहा। संतोष झा-१४ अप्रैल/२०२६/ईएमएस