जकार्ता,(ईएमएस)। इंडोनेशिया के बैंटन प्रांत से ईशनिंदा का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने दो महिलाओं को ईशनिंदा कानून के तहत गिरफ्तार किया है, जिन पर पवित्र ग्रंथ का अपमान करने और इस घटना का वीडियो प्रसारित करने का आरोप है। यह पूरी घटना एक मामूली चोरी के विवाद से शुरू हुई थी, जिसने अब एक गंभीर कानूनी और धार्मिक मोड़ ले लिया है। लेबक जिले की पुलिस के अनुसार, यह मामला 8 अप्रैल का है जब एक सैलून मालकिन ने अपनी ग्राहक पर चोरी का संदेह जताया। जब ग्राहक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, तो विवाद अपनी बेगुनाही साबित करने की चुनौती तक पहुंच गया। सैलून मालकिन ने ग्राहक को ग्रंथ पर पैर रखकर कसम खाने को कहा। अपनी सच्चाई साबित करने के लिए ग्राहक ने पवित्र ग्रंथ पर पैर रख दिया, जबकि मालकिन ने इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पूरे देश में आक्रोश फैल गया। लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं का घोर अपमान बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। बैंटन पुलिस के प्रवक्ता मारुली अकिलीस हुतापेआ ने पुष्टि की है कि 12 अप्रैल को दोनों महिलाओं को हिरासत में ले लिया गया और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने दोनों को संदिग्ध के रूप में नामजद किया है, जिसमें एक ने अपमानजनक कृत्य किया और दूसरी ने उसे उकसाने के साथ-साथ वीडियो बनाकर प्रसारित किया। इंडोनेशिया के कड़े ईशनिंदा कानून के तहत, यदि ये महिलाएं दोषी पाई जाती हैं, तो उन्हें 5 साल तक की जेल हो सकती है। यह कानून देश के छह आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त धर्मों के अपमान को प्रतिबंधित करता है। हालांकि मानवाधिकार समूह इस कानून की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के आधार पर आलोचना करते रहे हैं, लेकिन इंडोनेशियाई प्रशासन धार्मिक संवेदनशीलता और सामाजिक शांति बनाए रखने के लिए इस पर बेहद सख्त रुख अपनाता है। वर्तमान में दोनों महिलाएं पुलिस हिरासत में हैं और मामले की आगे की जांच जारी है। वीरेंद्र/ईएमएस/15अप्रैल2026