धमतरी(ईएमएस)। जिले का नगर निगम इन दिनों अधिकारियों और कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। हालात यह हैं कि अधिकांश काम प्लेसमेंट कर्मचारियों के भरोसे संचालित हो रहा है, जिससे कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों प्रभावित हो रही हैं। साल 2012 में नगर निगम गठन और राज्य सरकार से सेटअप की मंजूरी मिलने के बावजूद अब तक आवश्यक पदों पर भर्ती नहीं हो सकी है। वर्तमान में पुराने नगर पालिका परिषद के स्टाफ के सहारे ही निगम का कामकाज चलाया जा रहा है। निगम के स्वीकृत सेटअप में कुल 356 पद हैं, लेकिन इनमें से केवल 184 पद ही भरे गए हैं, जबकि 172 पद अब भी रिक्त पड़े हैं। इस कारण प्रशासनिक कार्यों की रफ्तार धीमी हो गई है और कई योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों की कमी का असर निगम की योजनाओं पर भी साफ दिख रहा है। 40 वार्डों को 4 जोन में बांटकर बेहतर प्रबंधन की योजना बनाई गई थी, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण यह योजना सफल नहीं हो सकी। इसके अलावा पानी सप्लाई, बिजली व्यवस्था, सफाई व्यवस्था समेत अन्य जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महापौर रामू रोहरा ने बताया कि उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं वित्त मंत्री से मुलाकात कर रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की है, ताकि नगर निगम की व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके। सत्यप्रकाश(ईएमएस)15 अप्रैल 2026