क्षेत्रीय
15-Apr-2026
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मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई के पश्चिमी उपनगर गोरेगांव स्थित नेस्को परिसर में आयोजित लाइव कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग्स ओवरडोज से दो छात्रों की मौत के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है। मृतकों में एक युवती लखनऊ की और एक युवक दिल्ली का रहने वाला बताया जा रहा है। वहीं, इलाज करा रही एक अन्य युवती की हालत अब स्थिर है और उसका बयान दर्ज कर लिया गया है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है और अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी कड़ी में मुंबई से सटे कल्याण से ड्रग्स सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी आनंद पटेल को भी नाटकीय तरीके से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आनंद पटेल कॉन्सर्ट में मौजूद युवाओं को ‘एक्स्टेसी’ (एमडीएमए) ड्रग्स की गोलियां उपलब्ध कराता था। उससे पहले पुलिस ने नेस्को सेंटर के इवेंट और एग्जिबिशन के उपाध्यक्ष सनी जैन, मुख्य सुरक्षा प्रबंधक बालकृष्ण कुरुप, आयोजक कंपनी से जुड़े विहान उर्फ आकाश सामल के साथ-साथ छात्र रौनक खंडेलवाल और प्रतीक पांडे को गिरफ्तार किया था। इन दोनों छात्रों से पूछताछ के दौरान ही आनंद पटेल का नाम सामने आया। इसके बाद वनराई पुलिस ने कल्याण के खड़कपाड़ा पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार किया। वह कल्याण के वायले नगर स्थित मोहन हाइट्स बिल्डिंग के बी विंग के फ्लैट नंबर 901 में रहता था। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां सभी आरोपियों को 16 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस हिरासत में इनसे गहन पूछताछ जारी है और इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार जांच में यह भी सामने आया है कि आनंद पटेल ‘आशिष’ नाम के एक व्यक्ति से ड्रग्स लाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। साथ ही, आनंद की आपराधिक पृष्ठभूमि और उसने अब तक कितने लोगों को ड्रग्स सप्लाई किया, इसकी भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि जमुनालाल कॉलेज के 25 छात्रों का एक समूह इस कॉन्सर्ट में शामिल हुआ था। इनमें से कुछ छात्रों ने कॉन्सर्ट के बाहर ही नशा किया था, जबकि कुछ ने अंदर जाकर ड्रग्स का सेवन किया। पुलिस अब कॉन्सर्ट में शामिल सभी लोगों के बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है। अब तक तीन छात्रों के अस्वस्थ होने की जानकारी सामने आई है और यह संख्या बढ़ सकती है। जांच में यह भी पता चला है कि ड्रग्स की गोलियां 1600 से 2000 रुपये में बेची जा रही थीं और ग्राहक के अनुसार कीमत बढ़ाई जाती थी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कुल कितनी मात्रा में ड्रग्स की सप्लाई हुई और कितने लोगों ने इसका सेवन किया। गौरतलब है कि आनंद पटेल के पिता के खिलाफ पहले से ही राशन माफिया से जुड़े मामले दर्ज हैं। ऐसे में इस मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है और पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। स्वेता/संतोष झा-१५ अप्रैल/२०२६/ईएमएस