रेत माफियाओं पर नजर रखेगा सशस्त्र बल, 24 घंटे निगरानी भोपाल (ईएमएस)। रेत माफिया द्वारा वन रक्षक की हत्या के बाद चंबल में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। राजघाट इलाके में अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए बड़ी संख्या में एसएएफ के जवान तैनात कर दिए गए हैं। नदी के दोनों किनारों पर स्थित घाटों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि ड्रोन के माध्यम से 24 घंटे नजर रखी जा रही है। रेत के परिवहन के अहम मार्ग, एबीसी कैनाल रोड से एनएच-44 को जोडऩे वाले तिराहे पर भी सशस्त्र बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का यह सख्त कदम रेत माफिया पर नकेल कसने, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। दरअसल, मुरैना जिले के दिमनी थाना क्षेत्र में विगत 8 अप्रेल को रेत माफिया द्वारा वन रक्षक हरिकेश गुर्जर की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से चंबल नदी के राजघाट क्षेत्र में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। भोपाल से 30 सशस्त्र जवान मुरैना पहुंचे राजघाट अब पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है। पुलिस मुख्यालय भोपाल से एसएएफ की 5वीं वाहिनी की सी कंपनी के 30 सशस्त्र जवान मुरैना भेजे गए हैं, जिन्हें राजघाट, अल्लाबेली, देवरी, अम्बाह और सबलगढ़ क्षेत्रों में तैनात किया गया है। यह बल अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर रेंज अधिकारियों, वनमंडल अधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहा है। अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए नदी के दोनों किनारों पर स्थित घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि ड्रोन कैमरों से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। रेत परिवहन के प्रमुख मार्गों, खासकर एबीसी कैनाल रोड से एनएच-44 को जोडऩे वाले तिराहे पर भी सुरक्षा बल तैनात किया गया है, जिससे अवैध परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। इसी दौरान जिला टास्क फोर्स के अधिकारियों ने राजघाट स्थित उस नए पुल का निरीक्षण भी किया, जो मुरैना को धौलपुर से जोड़ता है और जिस पर कोर्ट ने सवाल उठाए थे। प्रशासन की इस सख्ती से रेत माफियाओं के बुरे दिन शुरू होने वाले हैं। उत्खनन-परिवहन में लगे ट्रेक्टर-ट्रॉली, जेसीबी होंगे चिन्हित कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के मुताबिक, एसएएफ की तैनाती के साथ प्रभारी आरटीओ स्वाती पाठक को निर्देश दिए हैं कि वे चंबल से लगे गांवों का निरीक्षण करें और रेत परिवहन और उत्खनन में संलिप्त ट्रैक्टर-ट्रॉली, जेसीबी, लोडर एवं अन्य वाहनों की पहचान कर उनमें जीपीएस सिस्टम व नंबर प्लेट अनिवार्य रूप से लगवाएं जाएं। यह निर्णय भी लिया गया है कि अवैध खनिज गतिविधियों में संलिप्त वाहन मालिकों के विरुद्ध जिलाबदर की कार्रवाई की जाएगी। विनोद/ 15 अप्रैल /2026