- रामकी एनवायरो में जोरदार धमाकों से घरों की अलमारियों से गिरे बर्तन - आसपास के ग्रामीण इलाकों में हड़कंप, जनहानि नहीं, जांच जारी भोपाल,(ईएमएस)। मध्यप्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर के सेक्टर-2 स्थित रामकी एनवायरो कंपनी में हुए तीन भीषण धमाकों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। ये विस्फोट इतने तीव्र थे कि इनकी गूँज लगभग एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे न केवल औद्योगिक क्षेत्र बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी भूकंप जैसे झटके महसूस किए गए। धमाकों के प्रभाव से घरों की अलमारियों में रखे बर्तन और स्टैंड पर रखे टेलीविजन तक नीचे गिर गए, जिससे ग्रामीणों में गहरा खौफ पैदा हो गया। गौरतलब है कि भोपाल गैस त्रासदी का जहरीला कचरा जलाए जाने से वैसे भी देशभर में पीथपुर सुर्खियों में रहा है, अब इन धमाकों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जानकारी अनुसार रामकी एनवायरो कंपनी में मंगलवार को एक के बाद एक तीन जोरदार विस्फोट हुए। इन धमाकों की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनकी आवाज लगभग एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास के तारपुरा एवं बजरंगपुरा जैसे गांवों में लोगों ने भूकंप जैसे तेज झटके महसूस किए। ग्रामीणों के अनुसार, विस्फोट के तीव्र प्रभाव से उनके घरों की अलमारियों में रखे बर्तन और स्टैंड पर रखे टेलीविजन तक अपनी जगह से नीचे गिर गए। इस अप्रत्याशित और खौफनाक घटना से भयभीत लोग आनन-फानन में अपने घरों से बाहर निकल आए। चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। राहत की खबर यह रही कि इस हादसे में अभी तक किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है। नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) रवि सोनेर ने मीडिया को बताया कि रामकी कंपनी में विस्फोट की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर है, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और फिलहाल किसी जनहानि की खबर नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि धमाकों के वास्तविक कारणों की गहन जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। कचरा प्रबंधन और निपटान का कार्य करने वाली रामकी एनवायरो कंपनी का विवादों से गहरा नाता रहा है। इस ताजा घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों और कंपनी प्रबंधन की घोर लापरवाही पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। क्षेत्र में बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं और सुरक्षा में लगातार हो रही चूक के कारण स्थानीय निवासियों में प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है, जो भविष्य में बड़े विरोध का रूप ले सकता है। फिलहाल, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ये भीषण धमाके किसी गंभीर तकनीकी खराबी का परिणाम थे या मानवीय लापरवाही की वजह से हुए। हिदायत/ईएमएस 15अप्रैल26