* पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में तीखी झड़प, कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप; मौनी पटेल ने दी सफाई - “यह मेरा निजी निर्णय था” सूरत (ईएमएस)| यहां के जिला सेवा सदन में आज उस समय भारी नाटकीय स्थिति पैदा हो गई जब कांग्रेस के उम्मीदवार मौनी पटेल द्वारा अपना नामांकन पत्र वापस लेने के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। इस फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस और भाजपा के कथित मिलीभगत के चलते लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि मौनी पटेल को कथित तौर पर रास्ते से जबरन उठाया गया और धमकी देकर उनका नामांकन वापस करवाया गया। इस आरोप के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि इन सभी आरोपों के बीच स्वयं मौनी पटेल ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने सभी अटकलों और आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने अपना नामांकन पत्र अपनी मर्जी से वापस लिया है। मौनी पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हुई आंतरिक खींचतान और मतभेदों के कारण मैंने यह निर्णय लिया है। मैंने न तो किसी प्रकार का दबाव झेला है और न ही कोई धनराशि ली है। मैं पार्टी के साथ किसी प्रकार की गद्दारी नहीं कर रही हूं।” उनके इस बयान के बाद कांग्रेस खेमे में आश्चर्य और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। जहां एक ओर पार्टी नेतृत्व गंभीर आरोप लगा रहा था, वहीं उम्मीदवार के इस स्पष्टीकरण ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सतीश/15 अप्रैल