अंकारा(ईएमएस)। तुर्की के दक्षिण-पूर्वी प्रांत कहरामनमारास से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां एक 13 साल का छात्र स्कूली बैग में 5 बंदूकें और 7 मैगजीन भरकर लाया। अलग अलग कक्षाओं में गया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इससे 9 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी छात्र ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यहाँ महज 24 घंटे के भीतर गोलीबारी की दूसरी बड़ी वारदात हुई है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इस भयावह कत्लेआम को अंजाम देने वाला कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि महज 13 साल का एक बच्चा था। यह छात्र अपने स्कूल बैग में किताबों की जगह भारी मात्रा में असलहा लेकर पहुंचा था और उसने अपने ही सहपाठियों व शिक्षकों पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। इस हमले में अब तक एक महिला शिक्षक समेत 9 लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है। प्रांतीय गवर्नर मुकर्रम उनलुअर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हमलावर छात्र अपने पिता के हथियार चोरी छिपे घर से लाया था। वह अपने बैकपैक में 5 बंदूकें और 7 भरी हुई मैगजीन छिपाकर लाया था। स्कूल के सामान्य घंटों के दौरान कोई यह सोच भी नहीं सकता था कि मासूम सा दिखने वाला यह बच्चा अपने बैग में मौत का सामान लेकर घूम रहा है। चश्मदीदों ने बताया कि वह छात्र दो अलग-अलग क्लासरूम में घुसा और वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका दिए बिना ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरे स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस वीभत्स हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी छात्र ने उसी हथियार से खुद को भी गोली मार ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। तुर्की के लिए यह हफ्ता बेहद खौफनाक साबित हो रहा है क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले मंगलवार को भी सिवेरेक जिले के एक हाई स्कूल में ऐसी ही वारदात हुई थी। वहां एक 18-19 साल के पूर्व छात्र ने शॉटगन से हमला कर 16 लोगों को घायल कर दिया था और बाद में आत्महत्या कर ली थी। लगातार दो दिनों में दो स्कूलों में हुए इन आत्मघाती हमलों ने देश के अभिभावकों और शिक्षा व्यवस्था को गहरे सदमे में डाल दिया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि 13 साल के बच्चे ने इस आत्मघाती कदम को क्यों उठाया। क्या वह स्कूल में प्रताड़ना का शिकार था या किसी गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रहा था, इसकी जांच जारी है। स्कूल को खाली कराकर घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वीरेंद्र/ईएमएस/16अप्रैल2026