राष्ट्रीय
16-Apr-2026
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राज्य मुख्य चुनाव पदाधिकारी ने विधानसभा क्षेत्रों में तैयारियों की समीक्षा दिए निर्देश रांची,(ईएमएस)। झारखंड में मतदाता सूची के एसआइआर शुरू होने से पहले प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अब तक इन तैयारियों की समीक्षा वर्चुअल बैठकों के जरिए से की जा रही थी, लेकिन भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद अब जिलों में जाकर भौतिक निरीक्षण शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और संभावित कमियों को दूर करना है। राज्य के मुख्य चुनाव पदाधिकारी ने जमशेदपुर का दौरा कर जमशेदपुर पूर्वी और जमशेदपुर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्रों में तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सटीक और समावेशी होनी चाहिए। वे आगामी दिनों में अन्य जिलों का भी दौरा कर तैयारियों का जायजा लेंगे। एसआइआर की तिथि को लेकर फिलहाल आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, हालांकि निर्वाचन विभाग के अधिकारियों को अप्रैल के पहले या दूसरे सप्ताह में इसकी घोषणा की उम्मीद थी। अब तक तिथि घोषित नहीं होने से प्रशासनिक स्तर पर थोड़ी अनिश्चितता बनी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि भारत निर्वाचन आयोग कभी भी इसकी घोषणा कर सकता है। बंगाल और असम विधानसभा चुनाव के परिणाम चार मई को घोषित होने हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इन चुनावों के बाद मई माह में ही झारखंड में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। निर्वाचन आयोग इस बार विशेष रूप से इस बात पर ध्यान दे रहा है कि एक ही परिवार के सभी योग्य मतदाताओं के नाम एक ही मतदान केंद्र पर दर्ज हों। वर्तमान में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग बूथों पर पंजीकृत हैं, जिससे मतदान के दौरान असुविधा होती है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने समीक्षा बैठकों में इस विसंगति को दूर करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि वे ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक सुधार करें, ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। रिपोर्ट के मुताबिक मतदाता सूची में कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए, इसके लिए बीएलओ को घर-घर जाकर सत्यापन का जिम्मा सौंपा है। इस दौरान बीएलओ द्वारा प्रत्येक घर पर अपनी जानकारी वाला स्टीकर भी चिपकाया जा रहा है, जिससे संबंधित बूथ की पहचान और संपर्क आसान हो सके। बीएलओ घरों का सर्वे करते हुए एक रजिस्टर में परिवार के सभी मतदाताओं और उनके मुखिया का विवरण दर्ज कर रहे हैं। जिन घरों के पास पहले से कोई आधिकारिक मकान संख्या नहीं है, उन्हें भी एक अस्थायी नंबर प्रदान किया जा रहा है ताकि डेटा का व्यवस्थित संकलन हो सके। सिराज/ईएमएस 16अप्रैल26 --------------------------------