नई दिल्ली,(ईएमएस)। संसद में गुरुवार को महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े 3 बिल पेश किए। इन बिलों में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 2029 से 33फीसदी आरक्षण देने का प्रस्ताव है। इसके लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है। इससे पहले नारी वंदन शक्ति अधिनियम पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मेरा विश्वास है कि हर पार्टी अपना-अपना पक्ष रखेगी। मुख्य मुद्दा यह है कि महिलाओं को आरक्षण देना। लोकसभा और विधानसभाओं में भारत की महिलाओं को 33फीसदी आरक्षण देना। सामान्य सीट से भी महिलाएं चुनकर आ सकती हैं लेकिन 33फीसदी आरक्षण देने के बाद भारत के लिए यह ऐतिहासिक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में मिसाल कायम करेगा कि हम महिलाओं के लिए कितना बड़ा कदम उठा रहे हैं। इसका विरोध करने की जरुरत नहीं है। परिसीमन या अन्य विषयों को उठाकर महिला आरक्षण को गिराने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। परिसीमन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। इससे किसी को नुकसान नहीं है, जो संसद में साफ भी हो जाएगा...चर्चा में सरकार की ओर से सभी बातें खुलकर सामने आएगी लेकिन कुछ पार्टियों ने दक्षिण भारत में परिसीमन के संबंध में गलत संदेश फैलाने का प्रयास किया है, मेरी उनसे अपील है कि वे ऐसा न करें। सिराज/ईएमएस 16अप्रैल26