-आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टलीना जॉर्जीवा ने भारत की नीतियों की जमकर तारीफ वाशिंगटन,(ईएमएस)। पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति के बाद भी भारत की ग्रोथ का अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) अनुमान लगा चुका है। अब इसकी प्रमुख क्रिस्टलीना जॉर्जीवा ने भारत की नीतियों की तारीफ करते हुए कहा कि भारत दोगुनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हो सका, क्योंकि फंडामेंटल्स या बुनियाद मजबूत है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आईएमएफ ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था 2026 में 6.5 फीसदी की दर से बढ़ने की संभावना है। वैश्विक आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में यह अनुमान जताते हुए कहा कि इस साल 6.5 फीसदी की वृद्धि दर के साथ भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। मुद्राकोष ने भारत के संदर्भ में कहा कि 2026 के लिए वृद्धि अनुमान में 0.3 फीसदी अंक की हल्की बढ़ोतरी की गई है। इसके पीछे 2025 के मजबूत प्रदर्शन का असर और भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क को 50 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी किए जाने जैसे कारक हैं। इन कारकों ने पश्चिम एशिया संघर्ष के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक संतुलित कर दिया है। इसके साथ ही मुद्राकोष ने 2027 में भी भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर के 6.5 फीसदी पर बने रहने का अनुमान जताया। साथ ही आईएमएफ ने 2026 में वैश्विक वृद्धि दर 3.1 फीसदी और 2027 में 3.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया, जो 2025 के अनुमानित 3.4 फीसदी से कम है। रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब ने पाकिस्तान को तीन अरब अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने का वादा किया है। इसके साथ मौजूदा पांच अरब अमेरिकी डॉलर के कर्ज के पुनर्भुगतान की मियाद भी और तीन साल के लिए बढ़ा दी है। पाकिस्तान को यह मदद ऐसे समय में मिली है जब वह इस महीने यूएई को 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर चुकाने की तैयारी कर रहा है, जिसकी वजह से उसके विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ गया है। आईएमएफ ने शर्त लगाई है कि पाकिस्तान सऊदी अरब, चीन और यूएई को मौजूदा तीन साल के कार्यक्रम के पूरा होने तक देश के साथ अपनी नकद जमा राशि बनाए रखनी होगी। सिराज/ईएमएस 16अप्रैल26