नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश की राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स फ्रेमवर्क के तहत वर्ष 2026 की पहली हेल्थ वर्किंग ग्रुप (एचडब्ल्यूजी) की बैठक हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार का स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने की, जिसमें सदस्य और सहयोगी देशों के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी, विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में ब्राजील, रसिया, भारत, चीन, साउथ अफ्रीका के साथ-साथ नए साझेदार देशों इजिप्ट, इथोपिया, संयुक्त अरब अमीरत और इंडोनेशिया के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों पर सामूहिक रणनीति तैयार करना और सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना रहा। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि हेल्थ वर्किंग ग्रुप सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का एक प्रभावी मंच बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बिक्स देशों के बीच संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों से निपटने, स्वास्थ्य प्रणालियों को सुदृढ़ करने और सस्ती एवं सुलभ दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। बैठक में विशेष रूप से महामारी प्रबंधन, स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास, डिजिटल हेल्थ और दवाओं की किफायती उपलब्धता जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करते हुए भविष्य में संयुक्त प्रयासों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बैठकों से न केवल सदस्य देशों के बीच समन्वय बढ़ेगा, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य नीतियों को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। आशीष दुबे / 16 अप्रैल 2026