राज्य
16-Apr-2026
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:: समीक्षा बैठक में जल संसाधन मंत्री सिलावट ने विकास कार्यों को दी गति, सांवेर के 10 तालाबों का होगा कायाकल्प :: इंदौर (ईएमएस)। प्रदेश के जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के संकल्प के साथ शुरू हुए जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति को लेकर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को नगर निगम के अधिकारियों और जन-प्रतिनिधियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि तालाबों और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण व जीर्णोद्धार के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। मंत्री सिलावट ने बताया कि सांवेर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कनाडिया, निपानिया, लसुड़िया मोरी, भवरासला, बरदरी, रेवती, मायाखेड़ी, अरण्डिया और पिपलियाकुमार जैसे महत्वपूर्ण तालाबों के संरक्षण के लिए लगभग 8.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन तालाबों में पाल निर्माण, पाथवे, पिचिंग, गहरीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि वर्षा ऋतु के आगमन से पूर्व निर्माण कार्यों में गति लाकर इन्हें पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेशभर में 2500 करोड़ रुपये की लागत से यह अभियान चलाया जा रहा है। श्री सिलावट ने कहा कि इस अभियान का मूल उद्देश्य केवल भौतिक निर्माण नहीं, बल्कि भूजल स्तर में सुधार और जल स्रोतों का शुद्धिकरण है। इसे जन-भागीदारी के माध्यम से एक जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। 30 जून 2026 तक चलने वाले इस अभियान के तहत हरित क्षेत्रों के निर्माण पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। समीक्षा के दौरान मंत्री ने गुणवत्ता से समझौता न करने की हिदायत दी। उन्होंने सांवेर के अन्य 10 तालाबों के संवर्धन के लिए भी ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में अपर आयुक्त आशीष पाठक, जलकार्य प्रभारी अभिषेक बबलू शर्मा, पार्षद सुरेश कुलवाड़े, राकेश सोलंकी सहित जल कार्य विभाग के कार्यपालन यंत्री और जोनल अधिकारी उपस्थित थे। प्रकाश/16 अप्रैल 2026