भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश में श्रमिक कल्याण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा लाया गया “मध्यप्रदेश श्रम कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक, 2026” अब आधिकारिक रूप से अधिनियम बन गया है। विधानसभा से पारित होने के बाद राज्यपाल की अनुमति मिलते ही इसे राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है। इस संशोधन के प्रभावी होने से प्रदेश के लाखों श्रमिकों के कल्याण हेतु निधि प्रबंधन और सुविधाओं में व्यापक सुधार का मार्ग प्रशस्त होगा। विधि और विधायी कार्य विभाग के अतिरिक्त सचिव निशीथ खरे ने बताया कि विधानसभा द्वारा 27 फरवरी 2026 को इस संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया गया था। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद इसे अधिनियम क्रमांक 3 सन् 2026 का दर्जा प्रदान किया गया है। 26 मार्च 2026 के मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशन के साथ ही यह संपूर्ण प्रदेश में प्रभावशील हो गया है। संशोधित अधिनियम के माध्यम से श्रम कल्याण निधि के सुचारू संचालन और इसके दायरे को विस्तृत करने की परिकल्पना की गई है। इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाली निधि का उपयोग श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जा सकेगा। राजपत्र में प्रकाशन के उपरांत अब श्रम विभाग संशोधित नियमों के अनुसार अपनी आगामी कार्ययोजना को मूर्त रूप दे सकेगा। प्रकाश/16 अप्रैल 2026