18-Apr-2026
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रायपुर (ईएमएस)। महिला आरक्षण को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। संविधान संशोधन से जुड़े महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में सहमति न बन पाने के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार और एनडीए पर तीखा हमला बोला है। बघेल ने कहा कि एनडीए सरकार महिला आरक्षण के समर्थन में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत जुटाने में असफल रही। उन्होंने इस बिल की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे केवल महिला सशक्तिकरण का प्रयास नहीं, बल्कि देश के चुनावी ढांचे में बदलाव की कोशिश बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर केंद्र सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है, तो 2023 में लाए गए प्रावधान को तत्काल लागू किया जाना चाहिए। महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़ने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि अभी तक जनगणना नहीं हुई है, ऐसे में परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करना छोटे राज्यों के हितों के खिलाफ हो सकता है। बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर प्रक्रिया में देरी कर रही है, जबकि इच्छाशक्ति हो तो इसे कम समय में लागू किया जा सकता है। महंगाई के मुद्दे पर भी उन्होंने केंद्र को घेरा। उन्होंने कहा कि गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से आम जनता पर भारी बोझ पड़ा है। सीमेंट के दाम बढ़ने से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कई जगहों पर सड़क निर्माण तक ठप होने की स्थिति है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए ऐसे फैसले ले रही है। देर रात बिल का नोटिफिकेशन जारी करना भी इसी जल्दबाजी का संकेत है। बघेल के मुताबिक, देश में चुनावी माहौल के बीच सरकार के फैसले आम जनता की समस्याओं के बजाय राजनीतिक लाभ को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं। - सत्यप्रकाश(ईएमएस)18 अप्रैल 2026